Tuesday, December 12

जानें, सोने के क्‍या है सही पोजीशन

यह तो सभी जानते है कि पर्याप्त नींद लेना स्वस्थ शरीर के लिए कितना आवश्यक है, लेकिन आज की भागदौड़ वाली ज़िन्दगी में हमारे पास खुद के लिए भी समय नहीं है। आज लोगों की दिनचर्या काम से शुरू होती है और काम पर ही ख़त्म हो जाती है।

अगर पुरुषो की बात की जाये तो सुबह उठते ही वो घर के कुछ कार्यो में व्यस्त हो जाते है या रात को लेट सोने की वजह से सुबह देर से उठते है। इसके बाद जब उनकी नींद खुलती है तो उनके दिमाग में एक ही बात घूमती कि ऑफिस के लिए लेट न हो जाये और जल्दी-जल्दी तैयार होकर अपने काम पर निकल जाते है। इसके बाद दिनभर ऑफिस के काम में निकल जाता है। फिर घर आकर भी रात को देर तक काम करेंगे, टीवी देखेंगे या तो लैपटॉप चलाते रहेंगे और देर रात को सोने की कोशिश करेंगे।

वही महिलाओं की दिनचर्या भी कुछ इसी तरह की होती है अंतर केवल इतना है कि अगर वो हाउसवाइफ है तो उनके दिन बच्चो और घर के कामो में निकल जाता है। इस बिगड़ी हुई दिनचर्या के कारण हमारी नींद का बैलेंस भी गड़बड़ा जाता है जो हमारी सेहत, सफलता और विकास पर मानो रूकावट पैदा कर देता है।

ऐसे में अगर आप सोने के सही तरीकों को आजमाएंगे तो शायद आपकी अनिद्रा की समस्या का समाधान जरूर हो जायेगा और आप भरपूर नींद का आनंद ले पाएंगे। आज हम आपको बता रहे है। हर व्यक्ति का अपना सोने का तरीका और पोजीशन होती है जिसमें वो खुद को कम्फ़र्टेबल महसूस करता है। आइये जाने

जिस तरह पर्याप्त नींद हमारे सेहत के लिए बहुत जरूरी है उसी तरह सोने का तरीका भी हमारे सेहत को प्रभावित करता है। कई बार गलत तरीके से सोने से हमारे दिमाग के साथ-साथ मूड पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि अपने सोने के तरीके का खास खयाल रखें। आइए जानें कि किस तरह से सोने के क्या फायदे हैं और क्या नुकसान हैं।

अगर हम अच्‍छी तरह सोते हैं तो सुबह तरोताजा उठते हैं। अच्‍छी नींद हमें कई तकलीफों से दूर रखती हैं। इससे हमारी कमर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी सही रहती है। इससे इन हिस्‍सों में दर्द नहीं होता।

करवट लेकर सोना जिसमें आपके घुटने मुड़े हुए हों। आपके दोनों घुटनों के बीच में तकिया हो। इसके अलावा अगर आप सीधा लेटते हैं तो अपने दोनों घुटनों के नीचे तकिया रखकर सोयें। बॉडी पिलो आपकी रीढ़ की हड्डी का कुदरती कर्व बनाये रखने में मदद करते हैं। इससे हमारी पीठ में दर्द नहीं होता।

सिर के नीचे लगाया जाने वाला तकिया भी महत्‍वपूर्ण होता है। अगर आप करवट लेकर सोते हैं, तो तकिया सिर और गर्दन को सही सपोर्ट देने वाला होना चाहिये। इससे रीढ़ की हड्डी को भी सपोर्ट मिलता रहता है। यह तकिया कमर के बल सोने वालों के सिर के नीचे लगने वाले तकिये से थोड़ा मोटा होना चाहिये। कमर के बल सोने वालों का तकिया आपकी गर्दन और पलंग के बीच लगना चाहिये और सिर आगे की ओर नहीं झुका होना चाहिये।

आपका बिस्‍तर भी सही होना चाहिये। आपका मैटर्स आपके शरीर को पूरा सहारा देने वाला होना चाहिये। इस पर सोते समय आपके शरीर के अलग-अलग पार्टस पर ज्‍यादा जोर नहीं पड़ना चाहिये। अगर बिस्‍तर आरामदेह हो तो आपको नींद अच्‍छी आती है।

कई बार आपने महसूस किया होगा कि सुबह उठकर आपके शरीर में दर्द होता है। आपकी गर्दन, सिर और बदन में दर्द होता है। इसकी बड़ी वजह आपकी सोने की पोजीशन भी हो सकती है। तो जितना जरूरी आपके लिए यह जानना है कि कैसे सोना सही है, उतना ही जरूरी यह जानना भी है कि आपको किस पोजीशन में सोने से बचना चाहिये।

पेट के बल सोने से बचना चाहिये क्‍योंकि इससे आपकी लोअर बैक पर अतिरिक्‍त खिंचाव पड़ता है। और साथ ही गर्दन और कंधे की पॉश्‍चर भी ज्‍यादा जोर पड़ता है।

कुछ लोग बच्‍चों की तरह घुटने अपनी छाती से लगाकर सोते हैं। यह फीटस या भ्रूण पोजीशन भी कहते हैं। ऐसी पोजीशन में सोने से आपकी कमर पर ज्‍यादा जोर पड़ता है। आपकी कमर में दर्द होने लगता है। इसके साथ ही आपकी गर्दन भी लगातार झुकी रहने के कारण उसमें भी दर्द हो सकता है।

सिर के नीचे हाथ लगाकर न सोयें। इससे आपके हाथ की मांसपेशियों में तो दर्द होता ही है साथ ही साथ सिर और गर्दन की मांसपेशियों पर भी अधिक जोर पड़ता है।

कई बार लोग पीठ के बल सोते हैं उनमें खर्राटे की समस्या बढ़ जाती है। जब आप इस अवस्था में सोते हैं तो इससे जीभ पीछे की तरफ हो जाती है। तालू के पीछे यूव्यल पर जाकर लग जाती है, जिससे सांस लेने और छोड़ने में रुकावट आने लग जाती है। इससे सांस के साथ आवाज और वाइब्रेशन होने लगता है।

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