जानें, सोने के क्‍या है सही पोजीशन

बदलते वक्त के साथ सभी लोगो की दिनचर्या पहले से अब काफी बदल चुकी है। आज की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी लोगो के पास खुद के लिए भी पर्याप्त समय नहीं होता है। जहाँ पुरुष सुबह उठते ही दफ्तर जाने में व्यस्थता दिखाते है और देर रात को भी ऑफिस के काम के कारण रात में काफी देर से सोते है, जिसके कारण वह सुबह देर से उठते है। पुरुषो का ज्यादातर समय ऑफिस के काम में ही निकल जाता है। वही महिलाओं की दिनचर्या भी कुछ इसी तरह समान्य रहती है अंतर केवल इतना रहता है कि वो गृहणी होने के कारण उनके दिन बच्चो और घर के कामो में ही निकल जाते है। इन आदतों के कारण हमारी नींद पर इसका काफी बुरा प्रभाव पड़ता है, जो आगे चलकर हमारे सेहद, सफलता और विकास के लिए रूकावट बन जाता है।

ऐसे लोग कई बार अनिद्रा के शिकार हो जाते है। ऐसे में यदि आप सोने के सही तरीकों को जान जाए तो यह आपके कई समस्याओं का निदान बन सकता है। हर व्यक्ति का सोने का अपना अपना अलग तरीका और पोजीशन होती है, जिसमें वो खुद को काफी कम्फ़र्टेबल महसूस करते है। जिस प्रकार पर्याप्त नींद हमारे सेहद के लिए काफी लाभकारी है ठीक उसी प्रकार सोने का तरीका भी हमारे सेहद को काफी प्रभावित करता है। तो चलिए आज हम आपको यह बताते है कि किस तरह सोने से आपको क्या फायदे हैं और क्या नुकसान मिलेगा।

अच्‍छी नींद हमें कई परेशानियों से दूर रखती हैं। सही तरके से सोने पर हमारी कमर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी सही तरह से वकासित भी होती है और हमारी मांसपेशियां भी ठीक रहती है, इससे हमारे शरीर में होने वाले दर्द भी खत्म हो जाते है। करवट लेकर सोना जिसमें आपके घुटने मुड़े हुए होने चाहिए साथ ही आपके दोनों घुटनों के बीच में तकिया भी हो। इसके अलावा अगर आप सीधा लेटते हैं तो अपने दोनों घुटनों के नीचे तकिया रखकर सोयें। इससे आपकी बॉडी के रीढ़ की हड्डी का कुदरती कर्व बना रहेगा और इससे आपके पीठ का दर्द भी दूर हो जाएगा।

सिर के नीचे लगाया जाने वाला तकिया भी काफी महत्‍व रखता है यदि आप करवट लेकर सोते हैं, तो तकिया सिर और गर्दन को सही सपोर्ट देने वाला होना चाहिये। इससे रीढ़ की हड्डी को सपोर्ट मिलता है। तकिया कमर के बल सोने वालों के सिर के नीचे लगने वाले तकिये से थोड़ा मोटा होना चाहिए। कमर के बल सोने वालों का तकिया आपकी गर्दन और पलंग के बीच लगना चाहिये और सिर आगे की ओर झुका नहीं होना चाहिये।

आपका बिस्‍तर भी आपकी निद्रा में अहम भूमिका निभाता है। आपका बिस्तर आपके शरीर को पूरा सहारा देने वाला होना चाहिये। इस पर सोते समय आपके शरीर के अलग-अलग पार्टस पर ज्‍यादा जोर नहीं पड़ना चाहिए यदि बिस्‍तर आरामदेह हो तो आपको ओर अच्छी नींद आएगी। कई बार ऐसा होता है कि सुबह उठते ही कई लोगो के शरीर में दर्द होना प्रारम्भ हो जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह आपके सोने के तरीके का है। जितना जरूरी आपके लिए यह जानना है कि कैसे सोना सही है उतना ही जरूरी यह भी जरूरी है कि आपको किस पोजीशन में सोने से बचना चाहिये।

कई लोग पेट के बल सोना पसंद करते है लेकिन ऐसे सोना नहीं चाहिये क्‍योंकि इससे आपके लोअर बैक पर अतिरिक्‍त खिंचाव आता है और इसके साथ ही आपके गर्दन व कंधे की पॉश्‍चर पर भी ज्‍यादा जोर पड़ता है। कुछ लोग बच्‍चों की तरह घुटने अपनी छाती से लगाकर सोते हैं, जिसे फीटस या भ्रूण पोजीशन भी कहते हैं। ऐसी पोजीशन में सोने से आपकी कमर पर ज्‍यादा प्रभाव पड़ता है,जिससे आपके कमर में दर्द प्रारम्भ हो जाता है। इसके साथ ही साथ आपके गर्दन में भी लगातार दर्द बना रहता है।

कई लोग सिर के नीचे हाथ लगाकर सोना पसंद करते है, जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योकि इससे आपके हाथ की मांसपेशियों में दर्द होता है। साथ ही साथ इसके कारण सिर और गर्दन की मांसपेशियों पर भी अधिक जोर पड़ता है। कई लोग पीठ के बल सोते हैं जिसके कारण वो खर्राटे लेने लगते है। जब आप इस अवस्था में सोते हैं, तो इससे आपकी जीभ पीछे की तरफ हो जाती है। तालू के पीछे यूव्यल पर जाकर लग जाती है, जिससे सांस लेने और छोड़ने में रुकावट आने लगती है। इससे सांस के साथ आवाज और वाइब्रेशन होने लगता है।

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