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बड़ी खबर: प्रद्युम्न मर्डर केस में सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में सीबीआई कर सकती है पुलिसवालों को गिरफ्तार

जैसा की हम सभी इन दिनों न्यूज पर गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्यृम्न के मर्डर केस को देख रहे है। जो इन दिनों सुर्खियो में है और जहाँ हर बार नये खुलासे हो रहे है वहीँ इस बार सीबीआई ने एक नया खुलासा किया है। सीबीआई ने गुरुग्राम पुलिस पर सबूतों को मिटाने का आरोप लगाया है। सीबीआई के मुताबिक प्रद्यृम्न का गला रेतने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने जिस चाकू के इस्तेमाल होने की बात कही थी वो असल में बस कंडक्टर अशोक को हत्यारा साबित करने के लिए एक सोची समझी चाल थी। जो चाकू बरामद किया गया था वो सीबीआई द्वारा पकड़े गए कक्षा ग्यारहवीं के छात्र का था, जिसने इस बात को खुद स्वीकार किया है कि उसने प्रद्यृम्न की हत्या की है।

रेयान इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्यृम्न के मर्डर केस के इस पुरे मामले में ध्यान देने की बात तो यह है कि हत्या के आरोपी 11वीं के स्टूडेंट को जुवेनाइल कोर्ट ने ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है। इससे पहले शनिवार सुबह सीबीआई ने आरोपी छात्र को स्कूल में ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट करवाया था। जिसमे सीबीआई टीम करीब 11:50 बजे आरोपी को रेयान स्कूल लेकर पहुंची और उनके साथ प्रद्युम्न की उम्र का एक छोटा बच्चा साथ ही एक गुलाबी रंग का टेडी बीयर था। सीबीआई टीम करीब 4 घंटे स्कूल में ही रही फिर आरोपी छात्र डमी प्रद्युम्न को बाथरूम में लेकर गया। सीबीआई टीम ने टेडी बियर देकर उससे पूछा कि प्रद्युम्न को चाकू कैसे मारा था? और उसके बाद कहां-कहां गया था? माली, टीचर व स्कुल के बाकी स्टाफ को भी वहीं खड़ा किया, जहां वह हत्या वाले दिन खड़े थे।

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रेयान इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्यृम्न के मर्डर केस में पहले स्कूल के बस कंडक्टर अशोक कुमार, रेयान ग्रुप के ऑफिशियल फ्रांसिस थॉमस और जीसस थॉमस को गिरफ्तार किया गया। लेकिन बाद में फ्रांसिस और जीसस को भी बेल दे दी गयी। ध्यान से देखा जाये तो गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को 7 साल के बच्चे का मर्डर कर दिया गया था जिसकी बॉडी टॉयलेट में मिली थी। इस मामले में पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को अरेस्ट किया जबकि आरोपी 8 महीने पहले ही स्कूल में कंडक्टर की नौकरी पर रखा गया था।

रेयान इंटरनेशनल स्कूल के बस कंडक्टर अशोक ने मीडिया को बताया था कि ‘उस समय मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी जो मैं बच्चों के टॉयलेट में गया और वहां गलत काम करने लगा था, तभी वहां एक बच्चा आ गया जिसने मुझे देख लिया। तब मैंने उसे पहले देखा फिर धक्का दिया। उसके बाद उसे खींचकर जब वह शोर मचाने लगा तो मैंने डर के मारे उसे दो बार चाकू से मार दिया और उसका गला रेत दिया। फिर बाद में सीबीआई ने जांच की। इसके बाद 11वीं के स्टूडेंट को इस मर्डर केस में आरोपी बनाया गया।

सीबीआई ने बताया है कि उन्हें जांच के दौरान गुड़गांव पुलिस द्वारा घटना से जुड़े सबूतो को मिटाए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में सूबतों से छेड़छाड के आरोप किसी और पर नहीं, पुलिस पर लग रहे हैं। ऐसे में सीबीआई कुछ पुलिस वालों को गिरफ्तार कर सकती है। गुरूग्राम की पर सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप हैं।

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