Sunday, December 17

काँग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम ने “आज़ादी” को लेकर दिया विवादित बयान, बीजेपी समेत कई पार्टियों ने कहा मांगे माफी

अपने बड़बोलेपन और विवादित बयानो से अक्सर सुर्खियों में बने रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने इस बार जम्मू-कश्मीर को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसके बाद पूरे देश में माहौल गरमा गया है। आपको बता दे की पी.चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता की मांग को जायज ठहराते हुए कहा है कि जम्मू-कश्मीर में क्षेत्रीय स्वायत्तता देने के बारे में सरकार को विचार करना चाहिए। गुजरात चुनाव के सिलसिले में काँग्रेस का प्रचार करने राजकोट पहुंचे पी चिदम्बरम ने यह विवादित बयान देते हुए तर्क दिया की स्वायत्तता देने के बाद भी जम्मू-कश्मीर के लोग भारत का हिस्सा ही रहेंगे।

बताया जाता है की उनके इस बयान के बाद कई सामाजिक संघटन और चुनावी दल चिदम्बरम से माफी मांगने को कह रहे है। स्मृति ईरानी ने उनके बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा, ‘यह हैरान करने वाला और बेहद शर्मनाक है कि पी. चिदंबरम जैसे दिग्गज नेता आज भारत को टुकड़ों में तोड़ने की बात कर रहे हैं और उन लोगों को समर्थन दे रहे हैं, जो वास्तव में हमारे सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर रहे हैं ताकि जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था को खत्म कर सकें।’

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कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा यह निर्विवाद रूप से बना रहेगा और इसके साथ ही उन्होंने अपने पार्टी का बचाव करते हुए चिदंबरम जी की टिप्पणी पर कहा कि यह जरूरी नहीं की किसी व्यक्ति का विचार उसकी पार्टी का भी विचार हो सकता है, यह पूर्ण रूप से उनकी अपनी निजी राय है। दूसरी तरफ स्मृति ईरानी ने चिदंबरम के बयान को कांग्रेस पार्टी की मानसिकता से जोड़ते हुए कहा, ‘हालांकि मैं आश्चर्यचकित नहीं हूं क्योंकि चिदंबरम कांग्रेस की मानसिकता को प्रतिबिम्बित करते हैं।’

जानकारी के अनुसार आपको बताना चाहेंगे की चिदंबरम ने अहमद पटेल पर लगे आरोपों के बचाव में बोलते हुए कहा, अगर कोई व्यक्ति किसी अस्पताल में कोई काम करता है और बाद में वो किसी आतंकी संगठन के साथ जुड़ जाता है तो तो तीन साल पहले ट्रस्टी रहा इंसान दोषी कैसे हो सकता है। मालूम हो की चिदंबरम ने पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले पर निशाना साधा और इसकी तुलना 2004 की सुनामी से की।

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