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आज पंचतत्व में विलीन होंगे शशि कपूर, मुंबई में होगा अंतिम संस्कार

आज पंचतत्व में विलीन होंगे शशि कपूर, मुंबई में होगा अंतिम संस्कार

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बॉलीवुड के दिग्गज और जाने माने अभिनेता शशि कपूर जी कल 4 दिसम्बर के दिन दुनिया को अलविदा कह चुके और इनके निधन के बाद इनका पूरा परिवार एवं पूरा फिल्म जगत शोक में डूबा हुआ है। आपको बता दे अभिनेता शशि कपूर का  79 साल की उम्र में किडनी संबधित बीमारी के चलते मुंबई में निधन हुआ जहाँ शशि कपूर ने शाम 5:15 पर अस्पताल में आखिरी सांस ली। शशि कपूर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुख जताया। पीएम ने ट्वीट किया, 'शशि कपूर की बहुमुखी प्रतिभा उनकी फिल्मों और थिएटर में देखी जा सकती है। उनकी शानदार अभिनय को आने वाली पीढ़ियों के लिए याद किया जाएगा, उनके निधन से दुःखी उनके परिवार और प्रशंसकों के लिए सांत्वनाएं। आज मुंबई में शशि कपूर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। शशि कपूर का अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज हिंदू श्मशान में किया जाएगा, शशि कपूर के पार्थिव शरीर को
हफ्ते में इन दो दिन हनुमान जी को जरूर अर्पित करें पान का पत्ता, होंगे अद्भुत लाभ

हफ्ते में इन दो दिन हनुमान जी को जरूर अर्पित करें पान का पत्ता, होंगे अद्भुत लाभ

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आपने अक्सर देखा होगा कि जब कोई पूजा या अनुष्ठान आरम्भ होता है, तो उस पूजा या अनुष्ठान में आपको पान के पत्ते जरुर देखने को मिल जाते है। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि पूजा या अनुष्ठान में ये पान के पत्ते क्यों प्रयोग किये जाते है? क्या कारण है इसके पीछे? शायद आप न जानते हो, तो आज हम आपको इसी पान के पत्ते का महत्व बताने जा रहे है और इन्ही पान के पत्तो से आपको एक ऐसा लाभकारी नुक्सा बताएँगे जिससे आप को निश्चित चमत्कारी लाभ होंगे। हमारे हिन्दू धर्म में पान के पत्तो का प्रयोग काफी महत्वपूर्ण माना गया। किसी भी पूजा में पान के पत्तो की एक अहम भूमिका होती है। आपको बता दे कि हमारे स्कंद पुराण के अनुसार पान के पत्तो का प्रयोग देवताओं ने समुद्र मंथन के दौरान किया था। यही कारण है कि पान के पत्तो का पूजा में बहुत महत्व माना गया है। शास्त्रों में यह भी मान्यता है कि पान के पत्तों में देवी दे
सबके दिलों पर राज करने वाले अभिनेता शशि कपूर का 79 साल की उम्र में हुआ निधन, चारों तरफ छाई शोक लहर

सबके दिलों पर राज करने वाले अभिनेता शशि कपूर का 79 साल की उम्र में हुआ निधन, चारों तरफ छाई शोक लहर

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बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता शशि कपूर की काफी लम्बी बीमारी के चलते उनकी 04 दिसम्बर 2017 दिन सोमवार की शाम को मृत्यु हो गयी। 79 साल की उम्र में हुआ बॉलीवुड के अभिनेता शशि कपूर का निधन जिसके बाद पुरे बॉलीवुड में शोक की लहर छाई हुई है। अपने ज़माने के सुपरस्टार अभिनेता शशि कपूर की सोमवार शाम को लम्बी बीमारी होने के कारण उनकी मृत्यु हो गयी। शशि कपूर पिछले काफी लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। जिसके कारण उनका निधन हो गया। जिसके चलते पुरे बॉलीवुड में पूरा शोक का माहौल है। साथ ही शशि कपूर के फैन्स को भी बहुत बड़ा झटका लगा है। आपको बता दे की 79 की उम्र में उन्होंने तीन बार नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किया था। शशि कपूर ने अपने करियर में 160 फिल्मों में काम किया, जिसमे से 148 हिंदी फ़िल्में और 12 अंग्रेजी फिल्मे थी। 60 और 70 के दशक में उन्होंने जब-जब फूल खिले, कन्यादान, शर्मीली, आ गले लग जा, रोटी कपड़ा और
इस मंदिर में आधी रात को भगवान बन जाते हैं डॉक्टर, इलाज़ के लिए लगती है भीड़

इस मंदिर में आधी रात को भगवान बन जाते हैं डॉक्टर, इलाज़ के लिए लगती है भीड़

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भारत देश में अनेकों प्राचीन मंदिर है। हर मंदिर के निर्माण से जुडी अपनी एक कहानी है। इनमे से अनेक कहानियां ऐसी है जो हैरान करने वाली है।आज हम आपको ऐसे ही एक मन्दिर के विषय में बताने वाले है जहाँ भगवन स्वयं डॉक्टर बन कर अपने भक्तो का इलाज करते है और बड़े से बड़े रोग से अपने भक्तो को बचाते है | भारत देश में यह मंदिर ग्वालियर चम्बल अंचल के भिंड जिले के द्न्द्रौया गाँव में में स्थित है और इस गाँव के लोगो जब भी बीमार पड़ते है तो किसी अस्पताल या डॉक्टर के पास नहीं जाते है बल्कि इस मंदिर में आते है और खुद भगवान् उनका इलाज करते है और इस मंदिर की खासियत ये है की इस मंदिर की भभुती लगाने मात्र से लोगो की बीमारी ठीक हो जाती है भले ही कितनी बड़ी बीमारी क्यूँ ना हो | इस मंदिर की वर्षो पुराणी मान्यता है की इस मंदिर के हनुमान जी स्वयं डॉक्टर बन कर अपने भक्तो का इलाज करने पहुचते थे और एक बार इसी गाँव
इस वजह से असफल रहा भगवान राम और माता सीता का दांपत्य जीवन, ज्योतिषों ने उठाया रहस्य से पर्दा

इस वजह से असफल रहा भगवान राम और माता सीता का दांपत्य जीवन, ज्योतिषों ने उठाया रहस्य से पर्दा

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भगवन श्री राम के जीवन से हम सभी भली-भाति अवगत है। भगवान श्री राम को भगवान होते हुए भी इंसानी रूप में कितने कष्ट झेलने को मिले है, इससे हम सभी वाकिफ है। जहाँ भगवान श्री राम को वन में इतनी पीड़ा सहनी पड़ी है, वहीँ उनका दाम्पत्य जीवन भी सफल नहीं रहा है। आखिर क्यों भगवान श्री राम और माता सीता का दाम्पत्य जीवन इतना असफल रहा? आपको बता दे ज्योतिषों ने इस रहस्य से पर्दा हटा दिया है। आइये आपको बताते है आखिर क्यों श्री राम जी को देव स्वरुप होने के बावजूद भी उनका दाम्पत्य जीवन असफल रहा- ज्योतिषों की माने तो शुक्रास्त होने के बाद विवाह अशुभ माना जाता है। जबकि भगवान श्री राम और माता सीता का विवाह शुक्रास्त में हुआ था। ज्योतिष वहां भी सही साबित हुआ था। भगवान श्री राम का पूरा दाम्पत्य जीवन कठिनाइयों से भरा रहा और साथ ही माता सीता का साथ भी भगवान श्री राम को नही मिल पाया। यह भी पढ़े :-अपने पति को निर्व
आज मार्ग शीर्ष पूर्णिमा में करेंगे ये उपाय तो परिवार में आएगी सुख-समृद्धि

आज मार्ग शीर्ष पूर्णिमा में करेंगे ये उपाय तो परिवार में आएगी सुख-समृद्धि

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रविवार 3 दिसंबर 2017  को अगहन मास की पूर्णिमा है और श्री मदभागवद गीता के उपदेश में स्वयं भगवान श्री कृष्ण जी ने कहा,महीनो में मैं पवित्र महीना मार्गशीर्ष हूँ। अतः मार्गशीर्ष या अगहन माह अति पावन माह है। मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है की कार्तिक पूर्णिमा की तरह मार्गशीर्ष पूर्णिमा का भी विशेष महत्व है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन अनेक पवित्र स्थानो जैसे हरिद्वार, बनारस,  मथुरा आदि जगह पर लोग पवित्र नदियों, सरोवर में आस्था की डुबकी लगाते है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान-दान से  अमोघ फल प्राप्त होता है। भगवान श्री कृष्ण जी के अनुसार, इस माह प्रतिदिन स्नान -दान पूजा पाठ करने से भक्तो के पाप कटते है  एवं भक्त की सारी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस पवित्र दिन में अगर कुछ आसान उपाय किए जाएं तो परिवार में हमेशा सुख-सम
नए कानून के अनुसार तीन तलाक दिया तो हो जाएगी तीन साल की जेल, जानें इससे जुड़ी कुछ खास बातें

नए कानून के अनुसार तीन तलाक दिया तो हो जाएगी तीन साल की जेल, जानें इससे जुड़ी कुछ खास बातें

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तीन तलाक को लेकर कई विवाद हुए है। कहीं कई लोगो को लगता है कि तीन तलाक मुनासिफ है क्योंकि यह मुस्लिमों की शुरू से परम्परा रही है। वहीँ कई लोगो को ऐसा लगता है कि ये महिलाओ पर अत्याचार है। कुछ लोगो यह भी माना है कि एक बार में तीन तलाक होना गैरकानूनी है। कई लोग यह चाहते है कि तीन तलाक देने की कुछ परम्परा है, जो मुस्लिमो की बदलनी नही चाहिए। अब यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गयी है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार का यह मानना था कि अब यह परम्परा बंद कर देनी चाहिए लेकिन ऐसा हो न सका यह सिलसिला जारी रहा। आपको यह बता दे कि इस तरह के मामले इस साल फैसले से पहले जो तीन तलाक से सम्बन्ध रखते है थे वो 177 आये थे। वहीँ इस फैसले के बाद 66 मामले दर्ज किये गये है। तो आइये आपको बताते है तीन तलाक के कानून से जुडी 10 खास बाते - यह भी पढ़े :-IPL 2018 में इंडियन प्रीमियर लीग के नए सीजन में हो सक
अगर शनिवार को कर देतें है इन वस्‍तुओं का दान तो आपको बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता

अगर शनिवार को कर देतें है इन वस्‍तुओं का दान तो आपको बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता

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शनि भगवान के प्रकोप से तो सब परिचित है, लोग किसी भी हाल में शनि भगवान को नाराज नहीं करना चाहते इसीलिए शनिवार के दिन बकायदा मंदिर जाते है तरह तरह का दान करने है। शनि भगवान के नाराज होने से जीवन में एक विपदा सी आ जाती है जब किसी पर शनि भगवान का प्रकोप होता है उसका सामाजिक जीवन बेहद ही विचलित हो जाता है इसीलिए वह शनिवार को शनि भगवान के मंदिर में जाकर तरह तरह का दान करता है। लेकिन आप जानते है कि शनि भगवान को मनाना इतना आसान नही होता दान करते समय हम कुछ ऐसी वस्तुओं का भी दान कर देते है। शनि भगवान को और भी क्रोधित कर सकती है इन्हीं सारी बातों को हमने इस विडियो में बताया है। अगर आप चाहते हैं की आप आने वाले प्रलय से अपने आप को बचाए और आपने परिवार को सुखी रखे तो हमारा यह विडियो जरुर देखे आपकों शनिवार को दान ना करने वाली सारी जानकारी मिल जाएगी। देखें वीडियो :
आज 100 साल का हो गया एक रुपए का नोट, जानें इसके 100 साल की कहानी

आज 100 साल का हो गया एक रुपए का नोट, जानें इसके 100 साल की कहानी

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एक रूपए के सिक्के और नोट से तो हम सभी वकिफ है। एक की सिक्को का उसे अक्सर हम शगुन देने के रूप में भी करते है। आप एक के नोट को देखे तो होंगे लेकिन क्या आप यह जानते है कि इस नोट की शुरुवात कब हुई? आज हम आपको इसी नोट के बारे में बताने जा रहे है जिसे आज यानि 1 के नोट को 100 साल पुरे हो गये है। तो चलिए जानते है, एक के नोट से जुड़े 100 सालो का इतिहास। एक के नोट में तब से अब तक 28 बार परिवर्तन किये गए है। इस नोट की शुरुवात 30 नवम्बर 1917 में हुई। जब पहला विश्वयुद्ध चल रहा था तब हमारे देश में अंग्रेजों का शासन था और उस समय एक रुपए का नोट चांदी का होता था। प्रथम विश्वयुद्ध के चलते सरकार चांदी के सिक्के बनाने में असमर्थ हो गई थी। जिसके कारण सन् 1917 में एक रुपये के नोट की शुरुवात हुई। चांदी के सिक्को की जगह लोग एक रुपए का नोट प्रयोग में लाने लगे। यह भी पढ़ें : भारत के इन कॉलेजों से पढ़ेेंगे तो
जानें, दुनिया के उस पहले व्यक्ति के बारे में जिसे हुआ था एड्स, इस जानवर की वजह से हुई थी खतरनाक बिमारी की शुरुवात

जानें, दुनिया के उस पहले व्यक्ति के बारे में जिसे हुआ था एड्स, इस जानवर की वजह से हुई थी खतरनाक बिमारी की शुरुवात

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जैसा की हम सभी जानते है कि आज 1 दिसम्बर है और आज के दिन वर्ल्ड एड्स भी दिवस मनाया जाता है। आज के दिन हम लोगो को इस खतरनाक बीमारी से लोगो को सावधान करते है। इस दिन की शुरुवात सन् 1988 से हुई, इस दिन से लोगों को एड्स के प्रति जागरूक किया जाने लगा और इससे जुड़े कई अभियान भी चलाए जाने लगे। यह तो हम में ज्यादातर लोग यह बात जानते है लेकिन आप यह नहीं जानते होंगे कि किस इंसान को सबसे पहले एड्स हुआ था और उसका क्या कारण था? तो चलिए आपको बताते है इसके बारे में। यह भी पढ़े : सोशल मीडिया पर छाई धोनी की बेटी जीवा, रोटी बेलते हुए वीडियो हुआ वायरल आज हम आपको बता दें कि रिसर्च में यह पाया गया है कि एड्स की शुरुवात चिम्पैंजी की वजह से हुआ था। वैज्ञानिको के अनुसार सन् 1908 में एक घायल चिम्पैंजी ने एक इंसान को खरोंचा या काटा था। जिसके कारण चिम्पैंजी का खून उस इंसान के अंदर चला गया था। उस खून के कारण उस इं