20 साल की मन्नतों के बाद मिली थी बेटी, कफन में लिपटा देख थम नहीं रहे माँ के आँसू

एक माँ के लिए उसकी संतान से बढ़कर दुनियां में कुछ भी नहीं होता। दुनियां की हर माँ अपने बच्चे को सबसे ज्यादा प्यार करती है। अपने बच्चे के लिए वो किसी भी दर्द और दुःख का सामना के लिए हमेशा तत्पर रहती है लेकिन वहीँ आप जरा सोचिए जो माँ अपने आँखों के सामने से अपने बच्चो को एक पल के लिए ओझल नहीं होने देती, हमेशा उनके खाने-पीने का ख्याल रखती है, उसको वह सारी खुशियाँ देती है जो वो उस माँ के बस में होता है, अपने बच्चे की तबियत ठीक न होने पर वो खुद खाना पीना छोड़ देती है वैसी माँ का उस समय क्या हाल होगा? जब उसके बच्चे का एक्सीडेंट के कारण उसकी मृत्यु हो जाए।

जी हाँ, आज हम जो खबर आपके के लिए लाये है, वो भी कुछ इसी प्रकार की घटना है। जहाँ मात्र 6 साल की मासूम बच्ची का बस एक्सीडेंट हो गया तो चलिए आपको इस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी देते है।

आज हम आपको जिस घटना के बारे में बता रहे है, वो हाल ही में शुक्रवार के दिन इंदौर में घटित हुई। शुक्रवार के दिन जब दिल्ली पब्लिक स्कूल में छुट्‌टी हुई तो बस 12 बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी। तभी बायपास पर बस का स्टयरिंग फेल हो जाने के कारण बस ड्राइवर का बस पर से बैलेंस खो गया। उसके बाद बस गलत दिशा में चली गई और सामने से आ रही ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में बस ड्राइवर की तुरंत मृत्यु हो गई। इस घटना की पूरी जानकारी आसपास के लोगों द्वारा पुलिस और एम्बुलेंस को दी गयी। बच्चों की फैमिली को जैसे ही इस घटना के बारे में पता चला वैसे ही वह तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ते हुए पहुँचे।

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इस हादसे में चार बच्चों की जान चली गई जिसके बाद काफी लोग वहां पर इक्कठे हुए। वहीं इस एक्सीडेंट में 6 साल की मासूम बच्ची श्रुति भी इस घटना का शिकार हो गई। जिसके बाद डेडबॉडी का पोस्टमार्टम होने के बाद उसके परिवार के लोग को सौप दिया गया। रात में घर आयी डेडबॉडी पर उस बच्ची की माँ अपने बेटी की डेडबॉडी पर रातभर हाथ फेरती रहीं और बेटी को ऐसे चुप देखकर फूट-फूट कर रोने लगी।

लुधियानी परिवार में काफी मन्नतो के बाद जन्मी साढ़े 6 साल की इकलौती बेटी श्रुति के डेडबॉडी को को कफन में लिपटा देख उसकी माँ राधा मानो पत्थर की तरह हो गई। न तो वह कुछ बोल रही थी और न ही उनके आंसू गिर रहे थे। उनके परिवार वालो ने झकझोरा तो वह डेडबॉडी से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगी। जिसके बाद उनकी हालत काफी गंभीर हो गई तो फिर रात ही रात डॉक्टर को बुलाकर उनका इलाज करवाया गया। रातभर वह अपनी बेटी के डेडबॉडी पर हाथ फेरती रहीं और सुबह जब बेटी के अंतिम संस्कार की बारी आई तो पूरे परिवार की दुलारी श्रुति के लिए एक विशेष कार को फूलों से सजाया गया।
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