एक हज़ार से ज्यादा आइटम्स पर जीएसटी रेट तय: सस्ती होंगी बिजली व कारें, अनाज पर टैक्स नहीं

देश में वस्‍तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी लागू होने से महंगाई कम होगी। इसका कारण है कि सरकार ने खाने पीने की चीजों पर जीरो फीसदी टैक्‍स लगाने का प्रस्‍ताव किया है। ऑल इंडिया टैक्‍स एडवोकेट फोरम के प्रेसिडेंट एमके गांधी ने को बताया कि अब तक जो टैक्‍स स्‍ट्रक्‍चर सामने आया है। उसके मुताबिक कहा जा सकता है कि देश में महंगाई कम हो सकती है। मौजूदा समय में देश के कुछ राज्‍यों में दाल और चावल पर टैक्‍स लगता है। लेकिन जीएसटी में इस पर जीरो फीसदी टैक्‍स लगाने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में महंगाई कम हो सकती है।

सबसे पहले तो यह समझते है की क्या है ये जीएसटी। असल मे जीएसटी का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स है। इसको केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जाएगा। यह देशभर में किसी भी गुड्स या सर्विसेज की मैन्‍युफैक्‍चरिंग, बिक्री और इस्‍तेमाल पर लागू होगा। इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे। सरल शब्‍दों में कहें ताे जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाएगा। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती हैं। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स हैं। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन जाएगा।

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यहां चल रही जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में गुरुवार को 1211 आइटम्स पर जीएसटी के रेट तय किए गए। काउंसिल ने दूध, दही, अनाज जैसी चीजों को टैक्स के दायरे से बाहर रखा है। कोयले पर 11.69 की जगह अब 5% टैक्स लगेगा। माना जा रहा है कि इससे बिजली सस्ती होगी। छोटी कारें, साबुन-टूथपेस्ट जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी सस्ती होंगी। हाईएंड लग्जरी कारें महंगी हो सकती हैं। काउंसिल ने तय किया है कि 81 फीसदी आइटम्स पर 18% से कम जीएसटी लगेगा। अरुण जेटली के मुताबिक, शुक्रवार को भी प्रोडक्ट्स और सर्विसेस पर टैक्स रेट तय किए जाएंगे, अगर फैसला नहीं हो सका तो एक और मीटिंग होगी। जीएसटी को चार टैक्स स्लैब में बांटा गया है।


गेहूं-चावल समेत अनाज, दूध और दही को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। कुछ राज्यों में अनाज पर VAT लगता है। वहां 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद अनाज सस्ता हो जाएगा। कोयले पर अभी 11.69% टैक्स लगता है। लेकिन,जीएसटी आने पर यह टैक्स सिर्फ 5% लगेगा। इससे कई राज्यों में बिजली का टैरिफ कम होने की उम्मीद है। साबुन, टूथपेस्ट और हेयर ऑयल जैसी चीजें 18% टैक्स स्लैब के दायरे में आएंगी। इन चीजों पर अभी तक 22-24% तक टैक्स लगता है। कारों को 28% के स्लैब में रखा गया है। अभी कारों पर 30-32% टैक्स लगता है।

रोजाना इस्तेमाल में आने वाले आइटम्स जैसे चाय, कॉफी (इंस्टेंट नहीं), चीनी को 5% टैक्स के स्लैब में रखा गया है। पहले भी इन पर करीब इतना ही टैक्स लगता था। इसलिए इन पर कोई असर पड़ने के आसार नहीं हैं। 1 जुलाई से मिठाई पर भी 5% टैक्स देना होगा। एसी और फ्रिज को 28% के स्लैब में रखा गया है।

लाइफ सेविंग ड्रग्स को सबसे कम 5% की स्लैब में डाला गया है। जीएसटी काउंसिल की शुक्रवार की मीटिंग में सिगरेट, बीड़ी, टेक्सटाइल्स, गोल्ड, फुटवेयर, ब्रांडेड आइटम्स, बायोडीजल और सर्विसेस के टैक्स रेट तय किए जाएंगे। ऑल इंडिया टैक्‍स एडवोकेट फोरम के प्रेसिडेंट एमके गांधी ने बताया कि अब तक जो टैक्‍स स्‍ट्रक्‍चर सामने आया है।  ज्‍यादातर अाइटम्स को 12 से 18 फीसदी के स्लैब में रखा गया है। संसद से जीएसटीबिल पास होने के बाद अब सभी राज्य अपनी विधानसभाओं में स्टेट जीएसटी बिल पास करा रहे हैं।इस पूरी कवायद के बाद 1 जुलाई से जीएसटी देशभर में लागू हो जाएगा।

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