Wednesday, December 13

एक हज़ार से ज्यादा आइटम्स पर जीएसटी रेट तय: सस्ती होंगी बिजली व कारें, अनाज पर टैक्स नहीं

देश में वस्‍तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी लागू होने से महंगाई कम होगी। इसका कारण है कि सरकार ने खाने पीने की चीजों पर जीरो फीसदी टैक्‍स लगाने का प्रस्‍ताव किया है। ऑल इंडिया टैक्‍स एडवोकेट फोरम के प्रेसिडेंट एमके गांधी ने को बताया कि अब तक जो टैक्‍स स्‍ट्रक्‍चर सामने आया है। उसके मुताबिक कहा जा सकता है कि देश में महंगाई कम हो सकती है। मौजूदा समय में देश के कुछ राज्‍यों में दाल और चावल पर टैक्‍स लगता है। लेकिन जीएसटी में इस पर जीरो फीसदी टैक्‍स लगाने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में महंगाई कम हो सकती है।

 

सबसे पहले तो यह समझते है की क्या है ये जीएसटी। असल मे जीएसटी का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स है। इसको केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जाएगा। यह देशभर में किसी भी गुड्स या सर्विसेज की मैन्‍युफैक्‍चरिंग, बिक्री और इस्‍तेमाल पर लागू होगा। इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे। सरल शब्‍दों में कहें ताे जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाएगा। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती हैं। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स हैं। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन जाएगा।

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