कल है “मोहिनी एकादशी” करें बांसुरी का ये उपाय, जानें व्रत विधि, कथा व शुभ मुहूर्त

मोहिनी एकादशी वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती हैं और वैशाख माह में पड़ने के कारण यह एकादशी अन्य सभी एकादशी में सबसे श्रेष्ठ और फलदायी मानी जाती हैं| ऐसा कहा जाता हैं कि इस एकादशी के व्रत करने वाले लोग मोह-माया से ऊपर उठा जाते हैं और मोक्ष को प्राप्त होते हैं| दरअसल इस साल मोहिनी एकादशी 15 मई 2019, बुधवार को बड़े शुभ संयोग में पड़ रही हैं| ऐसे में आइए इस व्रत कथा और विधि और बांसुरी के उपाय के बारे में भी जानते हैं|

विष्णु पुराण के मुताबिक वैशाख शुक्ल एकादशी के दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया और उन्होने मोहिनी का रूप धारण इस लिए किया ताकि वो समुद्र मंथन से प्राप्त हुये अमृत को देवताओं में वितरित कर सके| दरअसल समुद्र मंथन से प्राप्त हुये अमृत के लिए देवताओं और असुरों में लड़ाई-झगड़े होने लगे, इतना ही नहीं देवता ताकत के बल पर असुरों को हरा नहीं सकते हैं| इसलिए उन्होने झल-कपट का सहारा लिया| ऐसे में भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया और असुरों को अपने मोह में बांध लिया और सभी देवताओं में अमृत का वितरण कर दिया, इसके बाद देवताओं ने अमरत्व प्राप्त किया| दरअसल यह घटना एकदशी के दिन घटी इसलिए इसे मोहिनी एकदशी के नाम से जानते हैं|

मोहिनी एकदशी शुभ मुहूर्त और पारण का समय

एकादशी की तिथि 14 मई 2019, 12 बजकर 59 मिनट पर प्रारम्भ होगी और इसकी समाप्ती 15 मई 2019, 10 बजकर 35 मिनट पर होगी| पारण का समय 16 मई 2019 को 5 बजकर 34 मिनट से 8 बजकर 15 मिनट तक हैं|

मोहिनी एकदशी के दिन करे ये काम

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इस दिन शाम को एक घी का दियाँ जलाकर तुलसी के पेड़ के सामने रखे, लेकिन इस दिन तुलसी के पेड़ को छूये नहीं, ऐसा माना जाता हैं कि ऐसा करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि में वृद्धि होती हैं| इस दिन काले और नीले रंग के वस्त्र धारण ना करे, ऐसा माना जाता हैं कि इस व्रत को करने से एक हजार गायों के दान करने के बराबर पुण्य मिलता हैं| इसके अलावा इस दिन यदि आपको कहीं से बांसुरी मिल जाती हैं या फिर आप इसे बाजार से खरीद कर लाये और किसी भी कृष्ण मंदिर या मंदिर में दान करे

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