‘मोदी 2.0’ कैबिनेट में अमित शाह को मिलेगा ये पद, बदलने वाली है अन्य मंंत्रियों की भूमिका

भारतीय जनता पार्टी और उसकी सहयोगी पार्टियों के लाखों कार्यकर्ताओं और लोकसभा चुनाव में खड़े प्रत्याशियों और प्रधानमंत्री मोदी की कड़ी मेहनत रंग लायी। 23 मई को प्रचंड जीत के साथ एनडीए ने केंद्र में वापसी कर ली है। पूरे देश भर से 542 लोकसभा सीटों में से एनडीए ने 353 सीटें हांसिल कर रिकॉर्ड बना दिया हैं। 17वीं लोकसभा के गठन की तैयारी जनता का फैसला आने के साथ ही शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की और मंत्रिपरिषद के साथ अपना इस्तीफा सौंप दिया। संभावना है कि वह राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में 30 मई की शाम को अपने नए मंत्रालय के साथ शपथ लेंगे।

मंत्रियों के रूप में शपथ लेने वाले नेताओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस ने अपनी सहयोगी पार्टियों के साथ भावी केंद्रीय मंत्रियों के नाम पर विचार शुरू कर दिया है। मोदी की नई कैबिनेट टीम को कौन बनाएगा इसे लेकर अटकलें तेज हैं। मोदी ने पिछले सप्ताह भाजपा मुख्यालय में मंत्रिपरिषद की एक बैठक में कहा था कि ‘वर्तमान में कार्यरत कुछ मंत्रियों को एक और कार्यकाल नहीं मिलेगा, लेकिन पार्टी उनकी प्रतिभा से प्रेरणा निरंतर लेती रहेगी।’ माना जा रहा है कि इस प्रचंड जीत में अहम भूमिका निभाने वाले नेताओं को कैबिनेट में अहम जगह मिल सकती है। प्रधानमंत्री के पद के बाद गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों पर सबकी नजर रहती है कि यहां किसे जगह मिलेगी।

किसे मिल सकता है कौन-सा मंत्रालय ?

मोदी की गुजरात विधानसभा में गृहमंत्री रह चुके बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को केंद्रीय गृह मंत्री बनाने की चर्चा सबसे ज़्यादा जोरों से हो रही है। अमित शाह ने इस लोकसभा चुनाव में हुयी जीत में अहम भूमिका निभाई है। साथ उन्हें एक अच्छा रणनीतिज्ञ भी माना जाता है इसलिए उन्हें गृहमंत्रालय मिलने की संभावना है। यदि ऐसा हुआ तो राजनाथ सिंह की जगह कैबिनेट में बदल जाएगी और उन्हें कोई दूसरा मंत्रालय दिया जायेगा। वहीं इस फैसले से बीजेपी के राष्ट्रिय अध्यक्ष की कुर्सी भी खाली हो जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरा कार्यकाल में वित्त मंत्री अरुण जेटली खराब स्वास्थ्य के कारण अपनी वर्तमान भूमिका में बने रहने की संभावना नहीं है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि वित्त मंत्रालय पीयूष गोयल को दिया सकता है। मोदी सरकार के अंतरिम बजट के दौरान उन्होंने ही वित्त मंत्री की भूमिका निभाई। अंतरिम बजट के समय जेटली का स्वास्थ्य ख़राब होने के कारण पीयूषगोयल को यह पदभार सौंपा गया था।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी अपनी उम्र के कारण हो सकता है इस बार कैबिनेट का हिस्सा न बने। लेकिन सुषमा स्वराज की जगह को भरना मोदी की टीम के लिए एक कठिन काम होगा क्यूंकि विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने पिछले पांच वर्षों में अभूतपूर्व कार्य किये हैं इसलिए देखना दिलचस्प होगा कि उनकी जगह विदेश मंत्रालय में कौन लेगा।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के नई सरकार में भी रक्षामंत्रालय में ही रहने की उम्मीद है। स्मृति ईरानी के अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को करारी हार देने के बाद, यह उम्मीद है कि पार्टी उन्हें एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से पुरस्कृत कर सकती है। इसके अलावा नितिन गडकरी, रविशंकर प्रसाद,नरेंद्र सिंह तोमर और प्रकाश जावड़ेकर सहित निवर्तमान मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ चेहरे नए कैबिन में आने के लिए तैयार हैं।

पार्टी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्यों से नए चेहरों को भी कैबिनेट में ला सकती है, जिन्होंने इस जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में इसी साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होंगे। इसलिए इन राज्यों से सांसदों को मंत्रिपद दिया जा सकता है।

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