गूगल ग्लास की देखा देखी माइक्रोसॉफ्ट ने तैयार किया अपना खास ‘AR चश्मा’

माइक्रोसॉफ्ट के संवर्धित वास्तविकता प्रयासों का वर्तमान में, “होलो लेंस” नेतृत्व कर रहें हैं। लेकिन अब माइक्रोसॉफ्ट ने इमेज की गुणवत्ता में सुधार करने के साथ ही हेडसेट के वजन को भी कम करने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों का संकेत दिया है। कंपनी ने आज प्रोटोटाइप संवर्धित वास्तविकता (AR) चश्में का प्रदर्शन किया, जो गूगल ग्लास की तर्ज़ पर ही लेकिन उससे बेहतर नज़र आता है। यह AR चश्में पूरी तरह से वास्तविक हैं और वर्तमान में माइक्रोसॉफ्ट के रिसर्च डिवीजन में इसका प्रयोग किया जा रहा है। हालाँकि होलोग्राफिक डिस्प्ले में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह सिर्फ एक बुनियादी शोध है।

विनिर्देशों के लिए, अनुसंधान में उल्लेख किया गया है कि डिस्प्ले एक पतली और उच्च पारदर्शी होलोग्राफिक ऑप्टिकल तत्व के एक संयोजक के रूप में उपयोग किया जाएगा। यह एक चश्में के लेंस के आकार में होगा, और देखने-योग्य क्षमताओं से लैस होगा। इसे GPU- त्वरित एल्गोरिदम के साथ जोड़ा जाएगा, जो कि माइक्रोसॉफ्ट केलोकप्रिय डेस्कटॉप GPUs जैसे Nvidia’s, GeForce, GTX 980 TI के जरिये वास्तविक समय में होलोग्राम को उत्पन्न करने और दिखाने में सक्षम बनाएगा, जो कि 90-260 Hz के करीब कार्यरत होतें हैं।

वर्तमान में माइक्रोसॉफ्ट के शोधकर्ताओं  के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वर्तमान प्रदर्शन मोनोस्कोपिक है और अन्य ड्राइविंग इलेक्ट्रॉनिक्स इसमें बाहर ही लटक रहे है। हालांकि यह काफ़ी प्रभावशाली होगा, यदि तकनीकी दिग्गज किसी भी चश्मा को होलोग्राफिक डिस्प्ले में बदल सकने में सफ़लता हासिल कर लें।

यह हेडसेट उपयोगकर्ताओं के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन होलोग्राम और 80-डिग्री क्षेत्र के विशाल हिस्से तक को प्रदर्शित करने का वादा करता है। इसके लिए किसी विशेष सॉफ्टवेयर पर भरोसा नहीं किया जा रहा है, बल्कि लेज़रों के हस्तक्षेप के साथ छवियों का उत्पादन करने का प्रयास किया जा रहा है। इन सब के बीच तकनीकी दिग्गज़ कंपनी एपल द्वारा भी इस क्षेत्र में अत्यधिक निवेश किया जा रहा है और संभावना यह है कि कंपनी का आगामी iPhone 8 भी AR जैसे आयामों को समेटे नज़र आ सकता है।

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