आपकी एक छोटी सी गलती से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट, इन बातों का रखें ध्यान

बदलते समय और टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग के साथ आजकल सबकुछ ऑनलाइन हो गया है। आज के समय में चाहे शॉपिंग करनी हो, बिल का भुगतान करना हो या फिर मोबाइल का रिचार्ज करना हो सब कुछ ऑनलाइन घर बैठे करना संभव है। इन सब सुविधाओं का उपयोग करने के लिए हम ऑनलाइन बेकिंग का उपयोग करते हैं। सरकार भी लोगो को कैशलेस होने के लिए प्रेरित करती है। भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी जन-धन सेवा योजना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

हाल ही में हुए शोध में पता चला है कि भारत में चल रहे डिजिटल ड्राइव के साथ, ऑनलाइन बैंकिंग के लिए उपयोगकर्ताओं की संख्या 2020 तक दोगुनी होकर 15 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, जो कि वर्तमान 5 करोड़ उपयोगकर्ताओं से का तीन गुना हो जाएगी। ऐसे में आपका यह भी जानना ज़रूरी है कि ऑनलाइन बैंकिंग में क्या समस्याएं हैं और कैसे एक गलती से आपका पूरा अकाउंट खली हो सकता है। जाने किस प्रकार आप ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते हैं।

1. असुरक्षित वीई-फाई का इस्तेमाल न करें

:जब भी कभी आप अपने फ़ोन या लैपटॉप द्वारा ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करें तो कभी भी असुरक्षित वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग न करें ऐसा करने से चोर आपके खाते से जुडी जानकारी चुरा कर आपको कंगाल कर सकते हैं। कोशिश करें कि हमेशा लेन-देन के समय भरोसेमंद नेटवर्क का ही उपयोग करें। इसके साथ ही नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते वक्त आपको सार्वजनिक नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

2. सुरक्षित ब्राउज़र का इस्तेमाल लेन-देन के समय करें:

ऑनलाइन सर्फिंग लिए इंटरनेट पर ढेरों ब्राउज़र और मोबाइल पर ढेरों ऐप्स हैं लेकिन ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करने के लिए किसी भरोसेमंद ब्राउज़र का इस्तेमाल करें। किसी असुरक्षित ब्राउज़र का इस्तेमाल करने से हैकर आपके फ़ोन या लैपटॉप में घुस सकते हैं और आपकी ज़रूरी जानकारी चुराने के साथ आपका खाता भी खाली कर सकते हैं।

3. समय-समय पर पासवर्ड बदलें :

ऑनलाइन चोरी से बचने के लिए सबसे ज़रूरी और सबसे असरदार उपाय यह है कि आप समय समय पर अपना नेट बैंकिंग का पासवर्ड बदलते रहें। लम्बे समय तक एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल करने से आपके खाते के हैक होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

4. अपने खाते से जुड़ी जानकारी किसी से साझा न करें:

आप अपना नेट बैंकिंग का पासवर्ड, ओटीपी, पिन, कार्ड वेरिफिकेशन कोड (CVV) और यूपीआई पिन को किसी के साथ साझा ना करें। ये जानकारी साझा करना आपकी एक बड़ी भूल हो सकती है और यदि आपके ऐसा करने आपके कहते से पैसे चोरी हो जाते हैं तो इसके लिए बैंक कोई ज़िम्मेदारी भी नहीं लेगा।

5. भुगतान के लिए हमेशा ओटीपी का ही चुनाव करें:

जब आप नेट बैंकिग द्वारा भुगतान करते हैं तो आपको पासवर्ड या ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) में से एक का चुनाव करने का विकल्प मिलता है। आप अपने पासवर्ड से भी भुगतान कर सकते हैं लेकिन ऐसा करने से आपके खाते के हैक होने की सम्भावना बढ़ जाती है। आप भुगतान के समय ओटीपी का चुनाव करके इस परेशानी से बच सकते हैं।

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