लाखों की जॉब छोड़कर M.B.A की हुई ये लड़की सड़को पर लगाती है ठेला, जानें क्यों

आज कल के ज़माने में  सुकून की जिंदगी जीने के लिए अगर कुछ जरूरी है तो वो है पैसा और इसलिए युवा पीढ़ी अच्छी पढाई ,अच्छी डिग्री लेने के लिए दिनों रात मेहनत करते है और इसका मकसद बस इतना सा होता है की अच्छी नौकरी और बड़ा ओहदा मिल जाए, ताकि जिंदगी सुकून से कट सके। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते है जिनकी सोच कुछ अलग होती है | आज हम आपको ऐसी ही एक लड़की की कहानी बतायेगे जिसके पास एम बी ए की डिग्री  होते हुए भी सड़क पर खाने का ठेला लगाती है क्योंकि अक्सर  समाज के नियम से हटकर काम करने वाले ही  सफल होते है |

हम बात कर रहे है चड़ीगढ़ की एम बी ए होल्डर राधिका अरोड़ा की जिन्होंने रिलायंस जिओ में एच आर का पद छोड़ के अपना ठेला लगाने का काम शुरू किया और अपने इस फैसले से राधिका संतुष्ट भी है |

राधिका अरोड़ा चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज से एमबीए करने के बाद नौकरी के सिलसिले में उन्हें चंडीगढ़ में रहना पड़ता था। वह रिलायंस की जियो कंपनी के साथ काम करती थीं  और लाखो रुपये महीना कमाती थी और वहां वह एक पेइंग गेस्ट में रहा करती थीं। लेकिन उन्हें वहां का खाना पसंद नहीं आता था। इस वजह से वे या तो बाहर का खाना खाती थीं या फिर कहीं से टिफिन मंगवाती थीं। वह बताती हैं, ‘जब मैं यहां काम कर रही थी तो मैं घर में मां के हाथ से बने खाने को काफी मिस किया करती थी। इसी मुश्किल से मुझे खाने की शॉप खोलने का ख्याल आया।’ राधिका ने हिम्मत करके नौकरी छोड़ दी और मोहाली के फेज-8 इंडस्ट्रियल एरिया में एक छोटे से ठेले से अपनी दुकान की शुरुआत कर दी। उन्होंने इसका नाम रखा- ‘मां का प्यार’।

राधिका के घर वाले शुरू शुरू में उनके इस फैसले से काफी नाराज थे | उन्हें लगा कि सर्दी, गर्मी बरसात किसी भी मौसम में सड़क पर खड़े होकर काम करना पड़ेगा। लेकिन जब कुछ दिनों तक उनके इस फूड स्टाल से ठीक-ठाक पैसे आने लगे तो उनके घरवालों को भी लगा कि उनकी बेटी ने शायद सही फैसला ही लिया है। शायद यही वजह है कि एक बार सफलता का स्वाद चख लेने के बाद राधिका के परिवार वालों को आज उन पर गर्व होता है।
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