Friday, February 23

किसी से मनचाहा काम लेने में कारगर हैं ये चमत्कारी जड़ी-बूटियां

भारत में अति प्राचीन काल में तंत्र-मंत्र तथा यंत्र विद्या से सम्मोहित करने की कला का आविष्कार कर लिया गया था। लेकिन इस विधा को जब सालों बाद यूरोप ने वैज्ञानिक रूप दिया तो यह माना जाने लगा कि यूरोप ही इस विद्या का जन्मदाता है। माना जाता है कि दुनिया में इस विधा की जानकारी भले ही यूरोप के माध्यम से हुई हो, लेकिन इसका मूल प्रेरणास्त्रोत भारत ही रहा है।

इसके अलावा किसी के मन पर अपना असर छोड़ने के लिए वशीकरण का इस्तेमाल किया जाता है। किंतु लोगों को वशीकरण और सम्मोहन को एक मानने की भूल नहीं करनी चाहिए क्योंकि दोनों में मूलभूत फ़र्क हैं।

वशीकरण की मदद से एक इंसान दूसरे इंसान को अपने वश में कर लेता है यानी कि उसके तन, मन, बुद्धि और शरीर पर पूरा नियंत्रण पा लेता है। परंतु वशीकरण और सम्मोहन में एक अंतर है जो इन्हें एक-दूसरे से भिन्न बनाता है। दरअसल वशीकरण केवल तंत्र-मंत्र-यंत्र की मदद से ही किया जा सकता है।

तंत्र-मंत्र-यंत्र की विद्या

इसके लिए तंत्र-मंत्र-यंत्र की महान विद्या का अभ्यास होना बेहद जरूरी है। बिना अभ्यास के कोई भी आम इंसान किसी को वश में नहीं कर सकता है। यहां तक कि विज्ञान जो कलयुग में सबसे ऊपर माना गया है, वह भी इस विद्या के सामने तुच्छ साबित होता है। आपको पता होना चाहिए कि वशीकरण के विधा की खोज सम्मोहन से काफी पूर्व की गयी थी। किंतु भारतीय संदर्भों में वशीकरण और सम्मोहन लगभग समकालीन माने जाते हैं।

व्यक्ति हिप्नोटाइज्ड हो जाता

अनेक प्रकार के मंत्रों तथा कला का प्रयोग करने से किसी को आकर्षित किया जा सकता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब एक व्यक्ति हिप्नोटाइज्ड हो जाता है

विज्ञान और हिप्नोटिजम

विज्ञान कहता है कि हिप्नोटिजम में व्यक्ति के मन तथा मस्तिष्क की इंद्रियों पर काबू पाया जाता है लेकिन फिर भी उसके शरीर की काफी इंद्रियां उसके वश में रह जाती हैं। यानी कि सम्मोहित होने के बाद भी वह बात कर सकता है, हाथ-पांव हिला सकता है और साथ ही सम्मोहनकर्ता की बात को समझ कर जवाब भी दे सकता है।

सचेतन मन से बाहर आना

जब भी किसी व्यक्ति को सम्मोहित कर दिया जाता है तो सबसे पहले उसका सचेतन मन काम करने से हट जाता है और उसके अचेतन मन की दुनिया साकार हो उठती है। अब वह सम्मोहनकर्ता को वह सारी बातें बता सकता है जिसे उसका सचेतन मन बताने में कतराता था। इस प्रकार सम्मोहनकर्ता हिप्नोटाइज्ड व्यक्ति के मन में छिपी बातों को जान लेता है।

अनुभव बांटते हैं

होश में आने पर कई सम्मोहित व्यक्ति अपना अनुभव भी बांटते हैं। वह बताते हैं कि उन्हें यह आभास हुआ कि उन्हें नींद आ रही है। उनकी आंखें बंद हैं लेकिन दिमाग जाग रहा है। वह किसी की आवाज काफी दूर से सुन रहे हैं और समझ भी रहे हैं। जिस प्रकार से किसी सपने में धुंधली सी परछाई का आभास होता है, ठीक वैसा ही सम्मोहित किए हुए व्यक्ति को अपने आसपास महसूस होता है।

दो से तीन घंटे

विज्ञान का मानना है कि किसी भी व्यक्ति को चाहे कितना भी ध्यान लगाए जाए, उसे 3-4 घंटे से ज्यादा हिप्नोटाइज्ड नहीं किया जा सकता है। इसके बाद खुद-ब-खुद वह आंख खोलना शुरू कर देता है। मनोवैज्ञानिक डॉक्टर बीमारियों के इलाज में सम्मोहन का प्रयोग करते हैं।

जड़ी-बूटियों से भी सम्मोहन

इसके अलावा भी विभिन्न कारणों से विज्ञान में सम्मोहन का प्रयोग किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जड़ी-बूटियों से भी सम्मोहन करना संभव है और आप भी यह कर सकते हैं?

पदार्थों का इस्तेमाल

जड़ी-बूटियों से हिप्नोटाइज्ड करने का मतलब है कि इन पदार्थों के इस्तेमाल से सम्मोहन कर सकने की शक्ति प्राप्त करना। यानी कि यदि आप निर्देशानुसार बताए गए पदार्थों का इस्तेमाल करेंगे तो आप भी किसी को हिप्नोटाइज कर सकते हैं।

सम्मोहन लेप

ऐसा करने के लिए विभिन्न जड़ी-बूटियों का एक लेप तैयार किया जाता है। सबसे पहले सफेद धुंधली की पत्ती और ब्रह्मदंडी की जड़ पीसकर लेप बनाएं। लेप को तैयार करने के बाद मंत्र की एक माला जप करने से लेप की शुद्धि होती है।

मंत्र का जाप

लेप तैयार करने के बाद माला पर मंत्र – ‘‘ॐ उडामरेश्वराय सर्व जगमोहनाय, अं आं इं ई उं ऊं ऋं ऋं फट स्वाहा।’’ का जाप करें। इसके बाद इस लेप को उबटन की भांति शरीर पर मल लें। ऐसा करने से अन्य किसी व्यक्ति को आपके प्रति सहज ही सम्मोहन का प्रभाव उत्पन्न हो जाता है।

सम्मोहन करने की शक्ति

एक और तरीका भी है जिससे सम्मोहन करने की शक्ति प्राप्त की जा सकती है। तुलसी की पत्तियां छाया में सुखाकर उन्हें भांग के बीज और असगंध मिलाकर गाय के दूध में पीस लें। भली-भांति पिस जाने पर मिट्टी की गोलियां बना लें। इस गोली का आकार काफी छोटा होना चाहिए।

माला का जाप

इसके बाद बताए गए मंत्र की माला का जाप करें और गोली के ऊपर फेर कर उसे शुद्ध करें। थोड़े समय के लिए ऐसा करने के बाद यह गोलियां सेवन करने के लिए तैयार हो जाती हैं। नियमित रूप से प्रातःकाल एक गोली खाई जा सकती है। इस गोली के प्रयोग से सम्मोहन का प्रभाव उत्पन्न होता है। गोली के अलावा महज एक टीका लगाने से भी सम्मोहन की शक्ति प्राप्त की जा सकती है।

Share this on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *