इंटरनेशनल कोर्ट ने पाकिस्तान को लताड़ा, लगाई कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक

पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। आईसीजे ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने कहा है कि वह जल्द से जल्द इस मामले में अपना फैसला सुना देंगे। भारतीय समय अनुसार 1 बजकर 30 मिनट से भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपना पक्ष रखना शुरू किया था और दोनों ही देशों को पूरे  90 मिनट का समय मिला था। इस पूरे मामले में भारत ने विएना समझौते का हवाला देते हुए जाधव की फांसी पर रोक लगाने की मांग की है।

भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव मामले में भारत जारी गहमागहमी के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबह है कि मामले में भारत को एक बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान को करारा झटका लगा है। आईसीआईजे के इस फैसले पर पाकिस्तान भड़क गया है। फैसले पर नाराजगी जताते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि इंटरनेशन कोर्ट ऑफ जस्टिस अपने हदें पार कर रहा है।

आपको बता दे कि बलूचिस्तान सरकार द्वारा कुलभूषण जाधव के खिलाफ आरोप लगाया गया कि कुलभूषण यादव आतंकी गतिविधियों में लिप्त है। ऐसा बताया जाता है कि जाधव को रॉ एजेंट होने के आरोप में कथित तौर पर अफगानिस्तान सीमा से सटे बलूचिस्तान के चमान इलाके से कथित तौर पर गिरफ्तार किया गया था। जाधव की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान ने उनपर जासूसी करने का आरोप लगया और समय से पहले ही मौत की सजा सुना दी। बताया जाता है की जाधव की मौत पर पाकिस्तान के जनरल कमर जावेद ने मुहर लगाई है।

आज जाधव के फांसी के फैसले पर इंटरनेशनल कोर्ट के रोक लगाने के बाद इसे भारत की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है। आईसीजे में कुलभूषण जाधव के मामले की पैरवी वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे कर रहे हैं। कुलभूषण यादव को कानूनी मदद नहीं देने और काउंसलर एक्सिस नहीं देने के तथ्य को मानते हुए इंटरनेशनल कोर्ट ने फांसी की सजा पर रोक लगा दी। गौरतलब है कि जाधव को फांसी की सजा के ऐलान के बाद ही भारत सरकार ने पाकिस्तान को गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी देते हुए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में बयान देते हुए कहा था, ‘भारत सरकार और यहां के लोग कानून, न्याय के बुनियादी नियमों और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का उल्लंघन कर एक निर्दोष भारतीय को पाकिस्तान में मृत्युदंड दिए जाने की संभावना को बहुत ही गंभीरता से देखेंगे।’ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, ‘मैंने कुलभूषण जाधव की मां से बात की और उन्हें कोर्ट के आदेश के बारे में जानकारी दे दी है।’ मैं पाकिस्तान सरकार को चेताते हुए कहना चाहती हूं कि वह इस बात पर विचार कर ले कि यदि मौत की सजा पर अमल हुआ तो इसके द्विपक्षीय संबंध पर कैसे असर होंगे।’

वहीं पाकिस्तान ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा था जाधव की फांसी के मामले में सभी मानकों और कानूनों का पालन किया गया है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद को बताया, ‘जाधव के केस में तय कानूनी प्रक्रिया पर अमल हुआ है।’ भारत की ओर से की गई अपील पर नीदरलैंड के हेग में अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ने जाधव की फांसी पर अंतरिम रोक लगा दी है। अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पत्र लिखकर भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगाने को कहा है। आपको बता दें कि भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव को कथित जासूसी करने के आरोप में पिछले महीने पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी।

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