अगर पति-पत्नी के बीच हमेशा हो रहा है झगड़ा तो करें ये उपाय

आज कल पति-पत्नी के बीच अगर किसी बात को लेकर विवाद छिड़ जाए तो इसका खामिहजा पूरे परिवार के सदस्यों को झेलना पड़ता है। कभी-कभी ये विवाद इतने लम्बे और बड़े हो जाते है कि पति या पत्नी चाहते हुए भी अपने रिश्ते को बचा नहीं पाते है। दोनों के मन में एक दुसरे के प्रति इतनी कड़वाहट आ जाती है कि पति या पत्नी के चाहने के बावजूद भी यह विवाद खत्म होने का नाम नहीं लेता है।

ऐसे में दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनाये रखने के लिए पत्नी की विशेष जिम्मेदारी रहती है, जिससे वो अपने प्रयासो से परिवार के सभी लोगो को खुश रख सके और अपने पति की जरूरतों को भी समझ सकें। ऐसा करने से पति-पत्नी के मध्य कटुता कम होकर प्रेम का संचार होता है। लेकिन कई बार ऐसा देखा गया है कि जब पुरुष काम की अधिकता या अन्य किसी कारण से व्यस्त हो जाता है तो उसका ध्यान अपनी पत्नी की ओर कम जाता है। जिसके कारण पत्नी अपने आप को अकेला महसूस करने लगती है।

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यदि इस स्थिती में कोई भी पत्नी ये उपाय कर ले, जो हम आज आपको बताने जा रहे है। तो इस उपाय से आप अपने पति का खोया हुआ प्यार वापस प्राप्त कर सकती है। तो चलिए आपको बताते है, उस उपाय के बारे में लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आज हम आपको जो उपाय बताने जा रहे हैं, उसे गुरूवार के दिन करना है। इस उपाय से पत्नी अपने पति को अपनी ओर आकर्षित कर सकती है और इस उपाय से पति-पत्नी के बीच का रिश्ता भी मधुर हो जाता है।

पति का प्रेम प्राप्त करने के लिए करें ये उपाय :-

आज जो हम आपको उपाय बताने जा रहे है, उस उपाय को केवल आपको तीन गुरूवार और तीन बुधवार करना है। उपाय आप शुक्लपक्ष के प्रथम गुरुवार से प्रारम्भ करें। गुरुवार को प्रातः काल में स्नान कर, पीले वस्त्र धारण करें। फिर एक तांबे के पात्र में जल में गुड़ व पिसी हल्दी मिलाएं। अब आपको किसी केले के वृक्ष के पास जाना है और वहां जाकर वृक्ष पर हल्दी से तिलक करें और इके साथ ही शुद्ध घी का दीपक जलाएं और नारियल, दो आटे के पेड़े, गीली चने की दाल व गुड़ का भोग चढ़ाएं।

इसके बाद देव गुरु से अपनी समस्या से छुटकारा पाने की प्रार्थना करें। जितना हो सके गुरु की कथा, 108 बार नाम या स्तोत्र आदि का पाठ जरुर करें और जल अर्पित कर पूजा समाप्त करें। चढाए गये आटे के पेड़े व अन्य सामग्री गाय को खिला दें और नारियल को किसी शुद्ध स्थान पर रख दें। फिर आने वाले बुधवार को किसी शक्ति मंदिर में जाकर मां को दीपक, धूप अर्पित करने के बाद वो नारियल सिंदूर के साथ मां के चरणों में अर्पित करें। अपनी समस्या का निवेदन करते हुए मां का कवच, चालीसा, 108 या 32 बार उनके नाम की माला का पाठ करें।

पाठ के समाप्त हो जाने के बाद नारियल किसी बच्चे से उसे फुड़वा दें व सिंदूर लेकर घर लेकर आ जाऐं। अगले गुरुवार को पुनः यही प्रक्रिया दोहराएं और बुधवार को भी यही क्रिया करनी है। इस तरह आपको तीन गुरुवार और तीन बुधवार को यह उपाय करना है। अब इसके बाद आपने जो सिंदूर इकट्ठा किया है, उससे मांग भरना प्रारम्भ करें। आप यह उपाय जितना विश्वास के साथ करेंगी उससे आपको उतना ही जल्दी प्रभाव देखने को मिलेगा।

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