Tuesday, December 12

पावन कार्तिक माह में रखें इन बातों का खास ध्यान, घर में आएगी संपन्नता

हम सभी इस बात से भली भांति परिचित है की हमारा देश सदियों से पुजा-पाठ मे ज्यादा विश्वास करता आया है। देखा जाए तो प्राचीन समय से ही हिन्द देश यानि की हिन्दोस्तान में धर्म-कर्म आदि को काफी महत्व दिया जाता रहा है। आपको बताना चाहेंगे की हमारे हिन्दू धर्म के अनुसार कुल 12 मास होते हैं, मगर ध्यान दीजिएगा इन सभी बारह महीनों में सबसे अधिक महत्व कार्तिक मास को दिया जाता है।

ऐसा माना जाता है की भगवान कृष्ण को कार्तिक मास सर्वाधिक प्रिय है। कार्तिक मास को इतना ज्यादा महत्व देने के पीछे सदियों से यह तर्क दिया जाता रहा है की यह मास पूर्ण रूप से धर्म एवं इससे जुड़े कर्म-कांडों से ही संबंधित होता है, जो देखा जाए तो कई मायनों में बिलकुल सही है। बताना चाहेंगे की यह हिन्दू पंचांग का आठवां महीना होता है और तुला राशि पर सूर्यनारायण के आते ही कार्तिक मास प्रारंभ हो जाता है।

कार्तिक मास के दौरान रखना पड़ता है इन बातों का विशेष ध्यान

जैसा की शास्त्रों और पुरानो में बताया गया है कार्तिक मास, शरद पूर्णिमा से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है। इस दौरान “धार्मिक स्नान” का काफी महत्व होता है, मगर आपको बता दे की इस शुभ माह के दौरान कई बातों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है जिसे अपनाने से ईश्वर की सबसे अधिक कृपा मिलती है।

आज हम आपके लिए कुछ ऐसे उपाय प्रस्तुत करने जा रहे हैं, जिन्हें कार्तिक मास में किया जाए तो जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं एवं निराशाओं का खात्मा होता है।

सबसे पहले आपको बताना चाहेंगे की कार्तिक मास के दौरान प्रति दिन यदि आप शुद्ध घी, तिल के तेल और सरसों के तेल का दीपक जलाते है तो इससे आपको उतना ही पुण्य मिलता है जितना की अश्वतमेघ यज्ञ से प्राप्त होता है।

कार्तिक मास के दौरान सबसे ज्यादा महत्व माँ लक्ष्मी जी के समक्ष दीप जलाने का होता है, बता दे की यह दीप आपके औयर आपके परिवार के जीवन के अंधकार को दूर कर, आशा की रोशनी देने का प्रतीक माना जाता है।

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बताना चाहेंगे की यदि आप कार्तिक माह में तुलसी का पूजन और सेवन करते है तो इससे आपके घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है और किसी भी प्रकार की नकारात्मसक शक्ति आपके घर से दूर रहती है। कार्तिक माह में घर के मंदिर, नदी के तट एवं शयन कक्ष में दीप जलाने का महत्व पाया गया है।

माना जाता है की इस पूरे माह के दौरान यदि ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लिया जाए और फिर तुलसी को जल चढ़ाया जाए तो सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इस माह में दीपदान करने से भगवान विष्णु भी प्रसन्नन होते हैं।

चूंकि यह पूरा माह बहुत ही शुभ और पवन माना जाता है इसलिए कहा जाता है की जो भी व्यक्ति कार्तिक के पूरे महीने भूमि पर सोता है, उसके जीवन से विलासिता दूर होती है और सादगी का आगमन होता है। सिर्फ इतना ही नहीं इस तरह का त्याग करने से सेहत और मानसिक विकार भी दूर होते है जो किसी भी व्यक्ति के लिए अच्छा माना जाता है।

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