Friday, December 15

हृदय रोगियों के लिए रामबाण है इस पौधे का पत्ता, मात्र चार पत्ते खाकर हो सकते हैं स्वस्थ

ह्रदय शरीर का एक महत्त्वपूर्ण अंग है। मानवों में यह छाती के मध्य में, थोड़ी सी बाईं ओर स्थित होता है और एक दिन में लगभग एक लाख बार एवं एक मिनट में 60-90 बार धड़कता है। यह हर धड़कन के साथ शरीर में रक्त को धकेलता करता है। हृदय को पोषण एवं ऑक्सीजन, रक्त के द्वारा मिलता है जो कोरोनरी धमनियों द्वारा प्रदान किया जाता है।

आज के इस वातावरण में हर पांच में से एक व्यक्ति ह्रदय रोग से पीड़ित है और इनकी संख्या दिन-प्रतिदिन बढती जा रही है | लोग उपचार के हजारों माध्यम अपना रहे है परन्तु इस बिमारी से पूर्ण निजात नही पा रहे है |

यह भी पढ़े :अगर आपकी उंगलियों का भी हो जाता है ऐसा हाल तो एक बार जरूर पढ़ लें ये खबर

ह्रदय रोग के लक्षण के कुछ प्रारंभिक लक्षण इस प्रकार है

ह्रदय में अचानक तेज़ दर्द का उठना और बाएं कंधे तथा बाएं हाथ तक फैल जाना |

सांस फूलना ,घबराहट या  ठंडा पसीना आना या हाथ पैर ठन्डे पड़ जाना |

ह्रदय में दर्द से बेचैनी होना और बेहोश हो जाना |

 आज हम आपको ह्रदय रोग का एक आयुर्वेदिक उपचार बताने जा रहे है जो की इस बीमारी के लिए अमृत साबित हो सकता है|

ह्रदय रोग एक गंभीर बीमारी है | अगर आप भी ह्रदय रोग से पीड़ित है तो हम आपको बता दे की आप अपने चिकित्सक से सलाह-परामर्श और नियमित जांच करायें|थोड़ी-बहुत एक्सरसाइज़ और व्यायाम आपको इस बीमारी सा निजात दिलाने में सहायक सिद्ध हो सकते है | और व्यायाम के साथ हम आपको एक आयुर्वेदिक उपचार के बारे में बताने जा रहे है |

हम आपको बता दे की तुलसी की चार पत्तियाँ आपको ह्रदय रोग से चमत्कारिक ढंग से निजात दिलाने में सहायक है | तुलसी आपके रक्त के कोलेस्ट्राल को नियंत्रित करती है | ह्रदय के रोगियों को तुलसी के चार से पांच पत्तियों के रस का नियमित रूप से सुबह-शाम सेवन करना चाहिए |

आप भी अगर ह्रदय रोग से ग्रसित है तो हम आपको यही सलाह देते है की आप भी तुलसी की पत्तियों का उपयोग कर खुद को इस बीमारी से छुटकारा दिलाये और अपने  ह्रदय  को स्वस्थ्य बनाये |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: