Saturday, December 16

Health & Fitness

अगर ठंड के दिनों में आप भी रहना चाहते हैं सुंदर और स्वस्थ रहना है तो जरूर खाएं ये 11 चीजें

अगर ठंड के दिनों में आप भी रहना चाहते हैं सुंदर और स्वस्थ रहना है तो जरूर खाएं ये 11 चीजें

Health & Fitness
सर्दियों के शुरुवात होते ही हम सभी अपना रहन सहन भिन्न कर लेते है। जहाँ हम वस्त्रो में परिवर्तन लाते है, वहीँ हम अपने खान पान को भी पहले से चेंज कर लेते है। सर्दियों में हम लोग कुछ ऐसा खाने को सोचते है जिससे हमारे शरीर को काफी मात्रा में ऊर्जा, शक्ति और सर्दी जुकाम जैसे बिमरोयो से लड़ने के लिए क्षमता प्रदान कर सके। आज हम आपको भी कुछ ऐसे ही चीजो के बारे में बताने जा रहे है जिसका यदि आप सेवन करे तो यह आप के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। जो आपके शरीर को बीमारियों से बचाएगा एवं आपके शरीर को ऊर्जावान बनाएगा। आज हम आपको ऐसे ही 11 चीजें के बारे में बताएँगे जिनका प्रयोग करके आप सर्दियों में अपनी सेहद, सुंदरता और मस्तिष्कता का विशेष ख्याल रख पाएँगे 1. खसखस यदि आप खाली पेट भीगी हुई खसखस खाए तो यह आपके दिमाग के लिए काफी लाभदायक है। खसखस का सेवन करने से दिमाग बहुत शान्त और दिनभर के लिए ऊर्जावान बन
जानें, दुनिया के उस पहले व्यक्ति के बारे में जिसे हुआ था एड्स, इस जानवर की वजह से हुई थी खतरनाक बिमारी की शुरुवात

जानें, दुनिया के उस पहले व्यक्ति के बारे में जिसे हुआ था एड्स, इस जानवर की वजह से हुई थी खतरनाक बिमारी की शुरुवात

Health & Fitness, News
जैसा की हम सभी जानते है कि आज 1 दिसम्बर है और आज के दिन वर्ल्ड एड्स भी दिवस मनाया जाता है। आज के दिन हम लोगो को इस खतरनाक बीमारी से लोगो को सावधान करते है। इस दिन की शुरुवात सन् 1988 से हुई, इस दिन से लोगों को एड्स के प्रति जागरूक किया जाने लगा और इससे जुड़े कई अभियान भी चलाए जाने लगे। यह तो हम में ज्यादातर लोग यह बात जानते है लेकिन आप यह नहीं जानते होंगे कि किस इंसान को सबसे पहले एड्स हुआ था और उसका क्या कारण था? तो चलिए आपको बताते है इसके बारे में। यह भी पढ़े : सोशल मीडिया पर छाई धोनी की बेटी जीवा, रोटी बेलते हुए वीडियो हुआ वायरल आज हम आपको बता दें कि रिसर्च में यह पाया गया है कि एड्स की शुरुवात चिम्पैंजी की वजह से हुआ था। वैज्ञानिको के अनुसार सन् 1908 में एक घायल चिम्पैंजी ने एक इंसान को खरोंचा या काटा था। जिसके कारण चिम्पैंजी का खून उस इंसान के अंदर चला गया था। उस खून के कारण उस इं
भारत में ‘चिकेन पॉक्स’ को क्यों कहा जाता है ‘माता’, जानें क्या है माता के निकलने का कारण

भारत में ‘चिकेन पॉक्स’ को क्यों कहा जाता है ‘माता’, जानें क्या है माता के निकलने का कारण

Health & Fitness, Religion
चिकेन पॉक्स या चेचक रोग जिसे हिन्दू धर्म में लोग माता का प्रोकोप मानते है जिसमे व्यक्ति के शरीर पर लाल और छोटे दाने होने लगते हैं, जिसमें काफी खुजली होती है। भारत के ज्यादातर इलाकों में इस बीमारी को माताजी आना कहा जाता है। अगर हम साइंटिफिक वे में इस बीमारी को लेते है तो लिहाजा ये एक नार्मल बीमारी है लेकिन लोगो की मान्यताओ के अनुसार चिकन पॉक्स को खासकर शीतला माता से जोड़ा जाता है। शीतला माता को मां दुर्गा का रूप माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि उनकी पूजा करने से चेचक, फोड़े-फूंसी और घाव ठीक हो जाते हैं। दरअसल, शीतला का अर्थ होता है ठंडक। चिकन पॉक्स होने पर बॉडी में काफी इरिटेशन होती है और उस वक्त सिर्फ बॉडी को ठंडक चाहिए होती है। इसलिए कहा जाता है कि शीतला माता की पूजा करने से वो खुश हो जाती हैं, जिससे मरीज की बॉडी को ठंडक पहुंचती है।मान्यताओं के मुताबिक, चिकन पॉक्स उस इंसान को होता है
चाय बनाने के बाद बची हुई चाय पत्ती को भूल कर भी नहीं फेंके, होेते हैं उसके गजब के फायदे

चाय बनाने के बाद बची हुई चाय पत्ती को भूल कर भी नहीं फेंके, होेते हैं उसके गजब के फायदे

Health & Fitness, Interesting
आज हम आपको एक ऐसी चीज़ के बारे में बताने वाले है जिसके बिना हमारी सुबह और शाम दोनों ही अधूरी रहती है | जी हां ! वह है चाय | और फिर हो भी क्यों  ना हमारा भारत चाय पीने में कई देशो से आगे है | चाय बूढ़े ,जवान और बच्चे सभी को पसंद आती है और अगर कोई मेहमान घर पे आये तो सबसे पहले चाय ही पूछी जाती है | चाय तो हम सभी के घर पर बनती है पर हम उस चाय के बनने के बाद उसमे इस्तेमाल हुई चाय-पत्ती को फेक दिया करते है और यह कोई नई बात नही है लेकिन आज हम आपको उस बची हुई चाय-पत्ती को दोबारा कई और जगह इस्तेमाल करने के तरीके बताने जा रहे है | तो चलिए हम आपको उस बची हुई चायपत्ती के उपयोग बताते है | अगर आप उस बची हुई चाय-पत्ती को अपने की जख्म या चोट पर लगते है तो वह उसे बहुत ही असरदार ढंग से भरने में मदद करती है | हम आपको बता दे कि ऐसा इसलिए होता है क्योकि चाय की पत्ती में बहुत ही असरदार एंटी-आक्स़ीडन्ट्
अंडा शाकाहारी हैं या मांसाहारी आइए जानते हैं इसका जवाब, एक बार जरूर पढ़े

अंडा शाकाहारी हैं या मांसाहारी आइए जानते हैं इसका जवाब, एक बार जरूर पढ़े

Health & Fitness, Interesting
सर्दियां आते ही बाजारों में अंडे के भाव और खपत दोनों ही ज्यादा बढ़ जाती है। अंडा जहाँ हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करता है वही सर्दियों में शरीर को उर्जा भी देने का कार्य करता है। वैसे तो भारत सरकार भी विज्ञापनों के द्वारा इसका प्रचार करती है। जिसमे कहाँ जाता है 'सन्डे हो या मंडे रोज खाओ अंडे' ताकि सारे लोग कम दाम में प्रोटीन प्राप्त कर सके। अक्सर हम सभी ऐसा देखते है कि सर्दियों का मौसम आते ही अंडो के साथ साथ अंडो से जुड़ा हुआ एक सवाल भी आ जाता है जो काफी कंफ्यूजन भरा होता है वो ये है कि मुर्गी पहले आयी या फिर अंडा? जिसका जवाब आज तक कोई दे नही पाया है। ऐसे ही कई सवाल है जिनका आज तक कोई भी उत्तर नही दे पाया है। इन्ही सवालो में से एक सवाल ऐसा है जो अंडे से ही जुड़ा हुआ है। जिसका उत्तर कोई भी दे नही पाया है, सभी उस सवाल को लेकर कन्फ्यूज रहते है। आज हम आपको उसी सवाल का जवाब बताने जा र
तो अब ब्लड ग्रुप से जान सकते हैं लोगों का स्‍वभाव

तो अब ब्लड ग्रुप से जान सकते हैं लोगों का स्‍वभाव

Health & Fitness, Interesting
क्या आपको यह बात पता है कि आपका का ब्लड ग्रुप आपके व्यक्तित्व को दर्शाता है। हमारे भारत देश में ऐसे काफी लोग है जिन्हें अपने ब्लड ग्रुप के बारे में पता ही नहीं होता है। लेकिन अपने ब्लड ग्रुप की जानकारी सभी को रहनी चाहिए। आपको यह बात जानकर आश्चर्य होगा कि अन्य देशो में ब्लड ग्रुप की जानकारी रखना बहुत आवश्यक होता है और ब्लड ग्रुप के आधार पर ही रिश्ते भी तय किये जाते है। ब्लड ग्रुप आपकी पसंद, व्यक्तित्व और भी बहुत काम से जुड़ी सभी बातों की जानकारी देता है। इसलिए हम सभी को अपने ब्लड ग्रुप के बारे में जरुर पता होना चाहिए। जैसा कि हम सभी जानते है हम सभी का नेचर, पर्सनालिटी और दुसरो के प्रति हमारा रवैया अलग अलग होता है। जैसा  की हम सभी बचपन से ही सुनते आ रहे है कि ‘पांचो उँगलियाँ कभी बराबर नहीं होती’ ठीक वैसे ही हर किसी का व्यवहार अलग-अलग होता है और ठीक इसी प्रकार से हम सब का ब्लड ग्रुप भी
अगर सर्दियों में रोजाना करते हैं अखरोट का सेवन तो शरीर रहेगा गर्म और बीमारियाँ हो जाएंगी दूर

अगर सर्दियों में रोजाना करते हैं अखरोट का सेवन तो शरीर रहेगा गर्म और बीमारियाँ हो जाएंगी दूर

Health & Fitness
अखरोट जिसे हम वालनट भी कहते है ये  एक प्रकार का सूखा मेवा है और जिसे मेवों का राजा भी कहा जाता है उसमे इतने गुड़ होते है जो किसी और मेवे में नहीं होते |ये बाहर से दिखने में जितना सख्त होता है उतना ही हमारे शरीर के लिए लाभकारी भी होता है| आपको बता दे की आधी मुट्ठी अखरोट में 392 कैलोरी ऊर्जा होती हैं, 9 ग्राम प्रोटीन होता है, 39 ग्राम वसा होती है और 8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। सर्दियों में शरीर को गर्मी की आवश्यकता होती है और अखरोट शरीर में गर्मी और ऊर्जा बनाए रखने के लिए सबसे बढ़िया स्त्रोत है। इसकी तासीर गर्म होने के कारण सर्दियों में इसका सेवन शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह भी पढ़ें: टूथपेस्ट ट्यूब पर बने अलग अलग रंगों का जानें क्‍या है मतलब जोड़ो के दर्द के लिए अखरोट रामबाण इलाज है इसे रोजाना दूध के साथ पीने से पुराने से पुराना घुटनों, जोड़ों और कमर दर्द हमेशा के लिए
अगर आपको महसूस होते हैं कैंसर के ये 9 संकेत तो हो जाएं सावधान, वरना पड़ेगा भारी

अगर आपको महसूस होते हैं कैंसर के ये 9 संकेत तो हो जाएं सावधान, वरना पड़ेगा भारी

Health & Fitness
कैंसर एक ऐसी खतरनाक बीमारी जो जान लिए बिना नही मानती है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगो की मौत हो जाती है। वैसे तो बहुत सी ऐसी बीमारीयां है जो अपने आप मे बहुत खतरनाक है, लेकिन कैंसर और ऐड्स दो ऐसी बीमारियाँ हैं, जिसमे सबसे ज्यादा जान जाती है। यह बीमारी बिना जान लिए किसी का भी आसानी से पीछा नही छोड़ती है। इस बीमारी से हर साल लाखों लोग लड़ते लड़ते अपने प्राण त्याग देते हैं। कैंसर चाहे कैसा भी हो और किसी भी स्टेज का हो, ये बीमारी सबसे ज्यादा दर्द और पीड़ा देता है। ऐसे बहुत सारे लोगों होते है, जिनको कैंसर के शुरुआती लक्षण पता नहीं चल पाते है इसलिए वो कैंसर के पहले स्टेज में पकड़ नही पाते है। आपको हम बता दे कि जिन लोगो का कैंसर पहली स्टेज में ही पकड़ा जाता है उन लोगो को बचने के चांसेज 99% होती है। वही पहली स्टेज के बाद लगातार दवाईयों ओर इन्जेक्शनस का सिलसिला शुरू हो जता है और हमारा शरीर पूरा अंदर से
बस एक चम्मच आजमा लें ये जादुई नुस्खा, ज़िन्दगी भर के लिए हट जाएगा आँखों से चश्मा

बस एक चम्मच आजमा लें ये जादुई नुस्खा, ज़िन्दगी भर के लिए हट जाएगा आँखों से चश्मा

Health & Fitness
हमारे शरीर का सबसे अनमोल हिस्सा है हमारी आँखे और हमारी खूबसूरती भी हमारी आँखों की वजह से ही बनती है। अगर हमारी आँखें ना हों तो हम कोई भी काम नहीं कर सकते और इसका एहसास सबसे ज्यादा उसे होता ओग जिसके पास आँखें नहीं होती। खैर यह तो हम सभी जातने है की आँखों के माध्यम से हम इस दुनिया को देख सकते हैं और अलग-अलग प्रकार के रंगों को पहचान सकते हैं, दुनिया की खूबसूरती के उस नजारे को महसूस कर सकते है और इसके लिए यह बेहद जरूरी है की हमारी आँखें हमेशा स्वस्थ्य रहनी चाहिए। मगर जिस तरह का जीवन हम आजकल जी रहे है उसकी वजह से कम उम्र के बच्चे जो ठीक से बोल भी नहीं पाते उनकी आँखों में चश्मा लग जाता है। चश्मा लगना तब उचित लगता है जब आपकी एक उम्र हो जाती है मगर आजकल के माता पिता भी मजबूर होकर बच्चो को चश्मा इसलिए लगवा देते है ताकि आगे चलकर उन्हे ठीक से दिखायी दे। मगर दोस्तों ऐसा नहीं है की अगर आपको एक ब
टूथपेस्ट ट्यूब पर बने अलग अलग रंगों का जानें क्‍या है मतलब

टूथपेस्ट ट्यूब पर बने अलग अलग रंगों का जानें क्‍या है मतलब

Health & Fitness, Interesting
हमारे शरीर में सारे अंग महत्वपूर्ण है और सभी का अलग अलग कार्य होता है हमारे शरीर को चलाने के लिए जरुरी होता है। आहार जो शारीर को शक्ति प्रदान करता है, आहार को ग्रहण करने के लिए एक अहम रोल होता है हमारे दांतों का। हम सभी सुबह उठते ही टूथब्रश पर टूथपेस्ट लेकर दांतों की सफाई करते है, जिसे हमारे दांत स्वस्थ रहे लेकिन क्या आपको पता है कुछ टूथपेस्ट हमारी दांतों को बहुत नुकसान पहुचाते है। दांतों का पिला पड़ना, दर्द होना, कीड़े पड़ना इसका कारण आपका टूथपेस्ट हो सकता है, क्या आप ने कभी ध्यान दिया है। कभी कि आप जो टूथपेस्ट यूज़ कर रहे है, वो केमिकलो से मिलकर बना हुआ है या नेचुरल है या फिर दोनों का मिश्रण शायद आपको मालूम न हो आइये हम आपको बताते है। जिससे आप अपने टूथपेस्ट को पहचान सकेंगे की आपका टूथपेस्ट केमिकल से बना है या नेचुरल या फिर दोनों का मिक्सचर है। सारे टूथपेस्टो पर एक ऐसा मार्क बना होत