PF धारकों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी, अगले महीने हो सकता है ये बड़ा ऐलान

इस साल देश का लोकसभा चुनाव मई-अप्रैल के महीने में प्रस्तावित हैं, ऐसे में हर कोई यह उम्मीद लगाकर बैठा हैं कि तत्कालीन मोदी सरकार उनके लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकती हैं| इस बीच नौकरीपेशा लोगों को मोदी सरकार अगले महीने याय फरवरी में तोहफा दे सकती हैं| मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार अगले महीने ईपीएफ की ब्याज दर बढ़ाने का ऐलान कर सकती हैं और यदि ऐसा होता हैं तो संगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ो कर्मचारियों   को फायदा मिलेगा|

ब्याज दर बढ़ाने पर फैसला इंटरनल रिव्यू में हुआ

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन पर मिलने वाले 8.55 फीसदी ब्‍याज में बढ़ोतरी कर सकता है, दरअसल हाल ही में ईपीएफओ का सालाना इंटरनल रिव्यू हुआ है और रिव्यू के दौरान इस विषय पर चर्चा की गई| सूत्रों के मुताबिक, अब लगभग यह तय हो गया है कि ईपीएफ की ब्‍याज दरों में इजाफा किया जाएगा|

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अधिकारियों ने दी ईपीएफ की ब्‍याज दरें बढ़ने की जानकारी

जनवरी के पहले हफ्ते में एक अंग्रेजी अखबार में एक रिपोर्ट छपी थी, जिसमें जिसमें अधिकारियों ने इस बात पर संभावना जताई गयी थी कि ईपीएफ की ब्याजदरों में बढ़ोतरी की जाएगी| इतना ही नहीं बुरी से बुरी स्थिति में वर्तमान ब्याज दरें बरकरार रखी जाएंगी| इसके अलावा महंगाई दर घटने की वजह से सैलरीड कर्मचारियों को ईपीएफ पर मिलने वाला वास्तविक ब्याज बढ़ा हैं| बता दें कि इससे 6 करोड़ कर्मचारियों को होगा फायदा होगा|

नई तैयारी कर रही है ईपीएफओ

बता दे कि ईपीएफओ ऐसा सॉफ्टवेयर बनवा रहा है जो पीएफ खाते में नकदी वाले और ईटीएफ वाले हिस्से को अलग-अलग दिखाएगा और यदि खाते में नकद और ईटीएफ निवेश अलग-अलग दिखने लगेंगे तो ईपीएफओ का अगला बड़ा कदम अंशधारकों को शेयर में निवेश बढ़ाने या घटाने का विकल्प देने का होगा| ईपीएफओ के शीर्ष निकाय सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने साल की शुरुआत में संगठन से अंशधारकों को शेयरों में निवेश घटाने-बढ़ाने का विकल्प मुहैया कराने की संभावना तलाशने को कहा था|

दरअसल दो साल से पीएफ ब्याज दर घट रही है, इतना ही नहीं 2018 में पीपीएफ और एनएससी से मिलने वाले औसत रिटर्न पर निगाह डालेंगे तो यह लगभग 7.7 फीसदी रहा है| वहीं, ईपीएफ में जमा रकम पर 8.55 फीसदी ब्‍याज मिला है| इसके अलावा ईपीएफ के एक सदस्य ने बताया कि ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती काफी कम हैं|

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