पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र का बाढ़ से हुआ बुरा हाल, अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं मिल रही है जगह

पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गंगा और वरुणा दोनों ही नदियों का जलस्तर काफी बढ़ा दिया है। बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नाव से आरती देखने पर साफ तौर  पर प्रतिबंध लगा दिया है ताकि किसी तरह की कोई घटना ना होने पाये। फिलहाल आपकी जानकारी के लिए बताते चलें की वाराणसी में गंगा खतरे के निशान 71 .26 मीटर से मात्र 2 मीटर नीचे यानी की 69 .01 मीटर पर बह रही है।

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जबकि आसपास के क्षेत्र जैसे बलिया में गंगा खतरे के निशान 57.61 मीटर को पार कर 58.06 मीटर पहुंच गयी है। बताया जा रहा है की गंगा नदी के साथ साथ उसकी सहयोगी नदी वरुणा में भी पानी का स्टार बढ़ने से स्थिति थोड़ी असामान्य हो गयी है और जिसकी वजह से आसपास के लोगों ने वहाँ से पलायन शुरू कर दिया है।

पहले से तैयार कर दी गयी है एनडीआरएफ की टीम, गंगा में करेगी पेट्रोलिंग

बता दें की पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राजघाट, अस्सी और दशाश्वमेध घाट पर ज़्यादातर सैलानी आते रहते है जिनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशाशन ने पहले से ही एनडीआरएफ की टीम की तैनाती कर राखी है। एनडीआरएफ़ इंस्पेक्टर नीरज कुमार के अनुसार एक टीम में 20 से 25 जवान शामिल है और इस तरह की 3 टीम फिलहाल मुस्तैद करा दी गयी है जबकि इसके अलावा 2 टीमों को रिजर्व में रखा गया है।

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तेज़ी से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए गंगा आरती भी अब छतो पर हो रही है। सिर्फ इतना ही नहीं घाट पर स्थित शीतला मंदिर ,रत्नेश्वर महादेव मंदिर समेत कई देवालय भी गंगा नदी में डूब गए है। सबसे बड़ी समस्या तो महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर हो रही जहां शवदाह के लिए स्थान कम पड़ जा रहा आर उसके लिए छतो का इस्तेमाल किया जा रहा है। जगह कम होने की वजह से अंतिम संस्कार के लिए लोगो को घंटो इंतजार करना पड़ रहा है।

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