अंडा शाकाहारी हैं या मांसाहारी आइए जानते हैं इसका जवाब, एक बार जरूर पढ़े

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सर्दियां आते ही बाजारों में अंडे के भाव और खपत दोनों ही ज्यादा बढ़ जाती है। अंडा जहाँ हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करता है वही सर्दियों में शरीर को उर्जा भी देने का कार्य करता है। वैसे तो भारत सरकार भी विज्ञापनों के द्वारा इसका प्रचार करती है। जिसमे कहाँ जाता है ‘सन्डे हो या मंडे रोज खाओ अंडे’ ताकि सारे लोग कम दाम में प्रोटीन प्राप्त कर सके। अक्सर हम सभी ऐसा देखते है कि सर्दियों का मौसम आते ही अंडो के साथ साथ अंडो से जुड़ा हुआ एक सवाल भी आ जाता है जो काफी कंफ्यूजन भरा होता है वो ये है कि मुर्गी पहले आयी या फिर अंडा? जिसका जवाब आज तक कोई दे नही पाया है।

ऐसे ही कई सवाल है जिनका आज तक कोई भी उत्तर नही दे पाया है। इन्ही सवालो में से एक सवाल ऐसा है जो अंडे से ही जुड़ा हुआ है। जिसका उत्तर कोई भी दे नही पाया है, सभी उस सवाल को लेकर कन्फ्यूज रहते है। आज हम आपको उसी सवाल का जवाब बताने जा रहे है-

सवाल यह है कि अंडा शाकाहारी होता हैं या मांसाहारी। अक्सर ऐसा देखने को आपको मिल जाएगा कि कुछ लोग अंडे को शाकाहारी बताते हैं तो कुछ लोग अंडे को मांसाहारी बताते हैं। वही कुछ लोग यह सोच कर अंडा नहीं खाते है कि उसे मुर्गी ने दिया है।  इसी उलझन के चलते कई लोग अंडे को हाथ तक नही लगाते जिससे वह अंडे के फायदे से अनिभिग्य हो जाते है। हम सभी ये जानते है कि अंडे में किसी भी तरह का मांस नही होता है इसी कारण से कुछ शाकाहारी लोग भी अंडे का सेवन करते है। जिनका मानना है।

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जैसा कि हम सभी जानते है कि अंडे के तीन हिस्से होते हैं जिसका पहला हिस्सा छिलका, दूसरा बिच में सफ़ेद वाली परत और तीसरी उसके अंदर का पीला वाला हिस्सा। आपको ये हम बता दे कि अंडे का बिच का हिस्सा जो सफ़ेद होता है। वो पूरा प्रोटीन होता है, जो अंडे को एक पौष्टिक आहार बनाता हैं। अंडे के इस हिस्से को हम सभी खा सकते है अर्थात अंडे का सफेद हिस्सा  शाकाहारी होता हैं। लेकिन अंडे के पीले रंग का हिस्सा जर्दी मांसाहारी होता हैं, जिससे मुर्गी का बच्चा जन्म लेता हैं। तो इससे यह कहा जा सकता है जो लोग शाकाहारी है वो अंडे का पिला वाला भाग न खाए।
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