Sunday, December 17

क्या आपको पता है चिकन व अंडे से भी ज्‍यादा शक्तिशाली है मूंगफली, जानें कैसे

अक्सर लोग मीट और अण्डे का सेवन करते है अपनी सेहत बनाने के लिए तो कभी स्वाद के लिए, कहा जाता है की मीट या अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा होता है। जब भी कोई व्यक्ति अपने वजन या उम्र के हिसाब से कमजोर होता है या फिर किसी इंसान में कमजोरी होने लगती है तो उसे मीट और अण्डे खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं मूंगफली में मीट और अण्डे के मुकाबले कई गुना अधिक प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व होते हैं। आपको बता दे कि मूंगफली को सेहत का खजाना भी कहा जाता है। शायद आपको इस बार यकीन ना आए, लेकिन ये सच है कि मूंगफली मीट और अण्डे की तुलना में काफी शक्तिशाली होती है। आइए जानते हैं कि मूंगफली में ऐसे कौन से गुण हैं जिससे उसने मांस को भी पीछे छोड़ दिया है।

 

मूँगफली के अनेकों फायदे :

वानस्पति प्रोटीन का स्त्रोत है मूंगफली। मूंगफली में मांस की तुलना में 2.3 गुना और अण्डे की तुलना 2.5 गुना और फलों की तुलना में 7 गुना अधिक प्रोटीन होता है। 100 ग्राम कच्ची मूंगफली खाना, एक लीटर दूध पीने के बराबर होता है। मूंगफली खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है और हमारी पाचन क्रिया दुरस्त भी होती है। 250 ग्राम भुनी हुई मूंगफली खाने से हमारे शरीर को जितने खनिज और विटामिन्स मिलते हैं उतने 250 ग्राम चिकन खाने से भी नहीं मिलते हैं। खाने के बाद इसका सेवन करने से पाचन तंत्र अच्छा होता है और मोटापा कमजोर इंसान हेल्दी होता है। श्वास के मरीजों के लिए भी मूंगफली खाना फायदेमंद होता है। मूंगफली गर्म होती है इसलिए जिन लोगों को गर्म चीज खाने से परेशानी होती है वो इसका कम सेवन करें।

मूंगफली में न्यट्रीशन्स, मिनिरल्स, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। मूंगफली हमारे खराब कोलेस्ट्राल को अच्छे कोलेस्ट्राल में बदलती है। मूंगफली में जितना प्रोटीन और एनर्जी होती है उतनी अण्डे में भी नहीं होती है। मूंगफली में पाया जाने वाला प्रोटीन दूध से मिलता है और चिकनाई घी से मिलती है। अकेली मूंगफली दूध, घी और बादाम की कमी को पूरा कर देती है। इसे गरीब का बादाम कहा जाता है। मूंगफली खाने से शरीर गर्म रहता है और फेफड़ों को बल मिलता है।

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