मुश्किल में मोदी का हमशक्ल, आजकल लोग उनसे पूछते हैं ऐसे सवाल

लोकसभा चुनाव 2019 में नरेंद्र मोदी एक बार फिर वाराणसी के चुनाव में खड़े हैं। आजकल चुनावों का दौर चल रहा है प्रधानमन्त्री मोदी रैलियों और चुनावी दौर में व्यस्त हैं। दिन भर नरेंद्र मोदी के बारे में न्यूज़ चैनलों और अखबारों में देखने और सुनने को मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के चर्चे दुनिया भर में होते रहते हैं। कोई उनके काम से बेहद खुश है और कोई उनका विरोधी है। मोदी की स्टाइल स्टेटमेंट, बात करने और चलने के तरीके पर हर किसी की नज़र बनी रहती है। बीते पांच वर्षों पर मोदी को हम सबने हर दिन ख़बरों में देखा लेकिन आज हम मोदी के तरह दिखने वाले लखनऊ के एक शख्स के बारे में बताएँगे कि इन पांच सालों में उनकी ज़िन्दगी में क्या हुआ और आज वह क्या कर रहे हैं।

हम बात कर रहे हैं 2014 में लोकसभा चुनावो के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के हमशक्ल के रूप में प्रसिद्द हुए अभिनन्दन पाठक की। 58 वर्षीय अभिनन्दन पाठक लखनऊ वाले हैं और उनका हाव-भाव कुछ हद तक नरेंद्र मोदी जैसा है जिसकी वजह से कई बार लोग उन्ही भूल से मोदी समझ लेते हैं। अभिनन्दन बिलकुल मोदी की तरह ही कुरता-पैजामा और जैकेट पहनते हैं। उन्होंने अपनी दाढ़ी भी मोदी की स्टाइल में ही रखी है। पहली बार उन्हें लोगो ने तब जाना जब वह मोदी की एक रैली में वाराणसी पहुंचे थे और मोदी ने उन्हें गले लगाकर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद अभिनन्दन मोदी के लिए प्रचार में लगे रहे और वह मोदी प्रशंंसक भी थे।

लेकिन अब पांच वर्षों के बाद सब बदल चुका है अब वह नरेंद्र मोदी से बेहद नाराज़ हैं और उनके खिलाफ निर्दलीय चुनाव भी लड़ रहे हैं। हाल ही में हुए एक इंटरव्यू में अभिनन्दन ने कहा कि , “मोदी के प्रति गुस्सा असली है, मैं जहां भी जाता हूं, इसे महसूस कर सकता हूं। पीएम मोदी से समानता की वजह से लोग मुझे मानते थे, सेल्फी के लिए कहते थे और मुझे गले लगाते थे। मुझ पर प्यार की बरसात होती थी. लोगों को लगता था कि वे असली मोदी से नहीं मिल सकते लेकिन मुझसे आसानी से मिल सकते हैं। लेकिन अब जब वे मुझे देखते हैं तो गुस्सा हो जाते हैं. वे मुझसे पूछते हैं कि अच्छे दिन कहां हैं?”

पाठक ने आगे कहा कि 2014 में मोदी से मुलाकात के बाद उन्हें पार्टी ने नजरअंदाज कर दिया और उन्होंने मोदी को कई पत्र लिखे लेकिन किसी का जबाव नहीं आया। एक और इंटरव्यू में अभिनन्दन ने बताया था कि मोदी का हमशक्ल होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि “जब मैं एक बार रैली से लौट रहा था तो आधी रात को एक गैंग मेरा पीछा करने लगा था। मैं एक्सीलरेटर पर चढ़ गया, सारे सिग्लन तोड़े और कहीं नहीं रुका, बस चलता चला गया। ”

इतना सब होने के बाद भी अभिनन्दन पाठक अपना लुक बदलना नहीं चाहते हैं। वह कहते हैं कि , “मैं क्यों बदलूं? मैं 1990 से राजनीति में सक्रिय रहा हूं. मैं हमेशा से दाढ़ी रखता था और कुर्ता पहनता था। वह अपने पुराने दिनों की तस्वीरें दिखाते हैं, ‘मैं ही ओरिजनल हूं, मोदी मेरे कॉपी हैं।”

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