पितृपक्ष में भुलकर महिलायें पुरुष भी न करें ये 6 काम

पुर्णिमा से अमावस्या के ये 15 दिन पितृ पक्ष कहे जाते हैं| इन 15 दिनों में पितरों को याद किया जाता हैं और उनका तर्पण किया जाता हैं| श्राद्ध को पितृ पक्ष और महालय के नाम से भी जाना जाता हैं| इस बार पितृ पक्ष 24 सितंबर से 8 अक्तूबर तक रहेगा| जिन घरो में पितरों को याद किया जाता हैं| उस घर में हमेशा खुशहाली रहती हैं| इसलिए पितृ पक्ष में इस पृथ्वी लोक में आए हुये पितरों का तर्पण किया जाता हैं|

जिस तिथि को पितरों का देहांत होता हैं उसी दिन पितरों का श्राद्ध किया जाता हैं| शास्त्रो में कुछ ऐसी चीजों का उल्लेख किया गया हैं जिसे पितृ पक्ष में नहीं करना चाहिए| आज हम आपको उन कामों के बारे में बताने वाले हैं जो पितृ पक्ष में नहीं करना चाहिए| पितृ पक्ष में पिंडदान किया जाता हैं| पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण पुत्र और पुत्री दोनों कर सकते हैं|

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(1) पितृ पक्ष में पितरों को तर्पण करते वक्त काले तिल का इस्तेमाल करना चाहिए| ना की अन्य तिलों का इस्तेमाल करना चाहिए|

(2) पितृ पक्ष में नए वस्त्र और वाहन नहीं खरीदना चाहिए| या फिर नए वस्त्र में धारण ना करे| यदि जो ऐसा करता हैं तो उसे पितृ दोष लगता हैं|

(3) पितृ पक्ष में पुरुषो को ब्रहंचर्य का पालन करना चाहिए| पुरुष और महिलाओं दोनों को पवित्र रहना चाहिए|

(4) पितृ पक्ष में अपने मन में क्रोध या किसी के प्रति ईर्ष्या नहीं रखनी चाहिए|

(5) पितृ पक्ष में तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए| ऐसा माना जाता हैं कि पितरों को भूमि के अंदर उगने वाली चीजों का अर्पण नहीं करना चाहिए|

(6) सुबह-सुबह श्राद्ध के कर्मकांड नहीं करना चाहिए बल्कि श्राद्ध के कर्मकांड दोपहर के बाद ही करनी चाहिए|

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