Monday, December 18

नवरात्र के पावन पर्व में अपने घर के मुख्य द्वार पर करें ये उपाय, दूर हो जायेंगे सभी वास्तुदोष

नवरात्र का पवन पर्व आरंभ हो चुका है, घर-घर माता रानी विराज चुकी है। नवरात्रि के पूरे 9 दिनों तक मां दुर्गा की पुजा-अर्चना पूरे विधि-विधान से की जाती है साथ ही इस दौरान मां दुर्गा के सभी 9 अलग-अलग स्वरूपों की विधिवत पूजा की जाती है। बता दे की बृहस्पतिवार से आरंभ होने के कारण मां पालकी पर सवार होकर आ गई हैं। पंडित-पुरोहितों का मानना है की पालकी पर नव दुर्गा के आने का अर्थ है खर्च ज्यादा यानी इस बार लक्ष्मी अस्थिर रहने वाली है और आय से ज्यादा व्यय होने की संभावना बन सकती है।

बताना चाहेंगे की इन नौ दिनों मां दुर्गा अपना आशीर्वाद देने के लिए हमारे घरों में विराजमान होती हैं, साथ ही बता दे की यदि आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास है तो नवरात्रि के अवसर पर कुछ सामान्य से उपायों को अपनाकर तमाम दोषों को दूर किया जा सकता है। सबसे पहले आपको बताना चाहेंगे की नवरात्र के शुरुवात होते ही घर में सुख और शांत वातावरण की स्थापना के लिए उत्तर पूर्वी कोने मेें हल्दी से स्वास्तिक बनाएं, धार्मिक शास्त्रों में स्वस्तिक को धन की देवी लक्ष्मी का प्रतीक कहा गया है। यदि आपने अभी तक नहीं किया है तो अभी से भी शुरुवात कर सकते है। इसके अलावा श्रीगणेश का चित्र भी लगाएं, इससे कार्य में आने वाली तमाम तरह की बाधाएं दूर होती हैं।

यदि आप चाहें तो नवरात्रि में किसी एक दिन लक्ष्मी मंदिर जाएं और केसर के साथ पीले चावल को मंदिर में जाकर चढ़ाएं, ऐसा करने से घर में आ रही बाधा दूर हो जाती है। आप नवरात्रि के दिनों में आम और अशोक के पत्तों की माला बनाकर घर के मुख्य दरवाजे पर बांध दे, इससे घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का लूप होता है और बता दे की साथ ही मुख्य द्वार पर माँ लक्ष्मी के पैर का निशान बनाएं। ऐसा करने से घर से घर में सुख-शान्ति और समृद्धि बनी रहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *