अपने जीवन की ये कहानी बताते-बताते रो पड़ीं दीपिका पादुकोण

10 अक्टूबर को हम पुरे वर्ल्ड में वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के रूप में मनाते है। जो निगेटीव इमोशन्स है वो केवल मेंटली रूप से ही हमे परेशान नहीं करती है इनका प्रभाव हमारे शरीर के विभिन्न अंगो पर भी बहुत गहरा पड़ता है। हमारे अच्छे इमोशन्स हमे खुश रखते हैऔर गलत इमोशन्स हमे तनाव और चिडचिड़ापन ही देती है।

हर साल 10 अक्टूबर को मेंटल हेल्थ के मुद्दों पर जागरूकता पैदा करने के लिए वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे मनाया जाता है। एक सर्वे के अनुशार पुरे वर्ल्ड में लगभग 350 मिलियन से भी ज्यादा लोग मानसिक पीड़ा से ग्रसित है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाए है। बॉलीवुड की जानी-मानी और दर्शको के द्वारा पसंद की जाने वाली खुबसुरत अभिनेत्री दीपिका पादुकोण मेंटल इलनेस के बारे में लोगो में जागरूकता फैलाने में कभी पीछे नहीं हटती उन्हें अपने फैंस को डिप्रेशन के खिलाफ अपनी लड़ाई के बारे में वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के दिन बताया।

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उन्होंने लोगो को समझाया और रिक्वेस्ट भी किया की, वो कभी डिप्रेशन को लेकर शर्मसार न हो। इसके बारे में अपने डॉक्टर या अपनी फैमिली से खुलकर हेल्प मांगे। दीपिका डिप्रेशन के खिलाफ अपनी लड़ाई लड़ी उन्होंने एक वीडियो के जरिए लोगो तक ये बात पहुंची की डिप्रेशन से कैसे लड़े। इन बातो की चर्चा करते-करते उनकी आँखे नम हो गई। दीपिका जब डिप्रेशन में थी तब के दिनों की बात उन्होंने अपने फैंस को बताई और कहा की उन्हें सुबह उठने से डरलगता था। उन्हें हर दिन इसी बात की चिंता सताती थी की वो सुबह उठकर लोगो से मिलना-जुलना और उन्हें फेस करना होगा।

 

उन्होंने अपने इस वीडियो में यह भी बताया की उनके लिए लोगो के सामने नार्मल रह पाना और हँसते रहना काफी मुश्किल हो गया था। उन्होंने ये कहा की अगर उस वक़्त उनसे कोई बाते करने वाला होता तो उन्हें काफी मदद मिलती।

दीपिका ने अपनी ये कहानी लोगो को इसलिए सुनाई ताकि लोगो को हिम्मत मिले और वे इस बारे में खुलकर बात कर पाएंगे। ‘द लिव लव ऑफ़ फाउंडेशन’ की शुरुआत उन्होंने मेंटल इलनेस के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए ही किया।

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