अगर आप भी खाती हैं चिकन तो हो जाइए सावधान क्‍योंकि जीवन भर होगा पछतावा

शाकाहारी होने के कई फायदे हैं लेकिन फिर भी लोग मांसाहार का सेवन करते हैं, ये जानते हुए कि इसके नुकसान कितने ज्यादा हैं। खैर, ये खबर पढ़ने के बाद शायद आप चिकन का सेवन बंद कर दें। मछली, मटन खाने वाले राहत की सांस ले सकते हैं क्‍योंकि यहां बात सिर्फ चिकन की हो रही है। दरअसल बाजार में मिलने वाला चिकन तमाम तरह की दवाईयों से तैयार किए हुए मुर्गों से मिलता है । क्‍या आप जानते हैं एक चूजे से मुर्गा बनाने के लिए ऑक्‍सीटोसीन के इनजेक्‍शन दिए जाते हैं।

डिमांड पूरी करने, ज्‍यादा पैसा कमाने के लिए चूजों को अप्राकृतिक तरीकों से बड़ा किया जाता है। ना तो उन्‍हें अच्‍छे दाने खिलाए जाते हैं औरचिकन ना ही किसी तरह की कोई देखभाल की जाती है । आपने कभी मुर्गियों से भरे कैंटर को देखा है, मुर्गे ऐसे ठूंस कर भरे जाते हैं कि मानों वो जीव ना होकर बस सामान हों। ऐसे में वो सांस तक नहीं ले पाते कई तो ऐसे ही मर जाते हैं और जो बाकी बचते हैं उन्‍हें भी कई तरह की बीमारिया पकड़ लेती हैं।

इन बीमार मुर्गे और मुर्गियों के अंडे और मांस भी इस बीमारी से प्रभावित होते हैं, जिनके सेवन से ये बीमारियां खाने वाले के शरीर में भी प्रविष्‍ट हो जाती है। इसी तरह का चिकन खाने से महिलाओं और पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्‍या बढ़ रही है। जो महिलाएं और पुरुष चिकन काचिकन ज्‍यादा सेवन करते हैं उनके डीएनए और हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं और नपुंसकता की समस्‍या बढ़ने लगती है। पुरुषों में इसका असर स्‍पर्म काउंट पर भी पड़ता है, स्‍पर्म कमजोर हो जाते हैं ।

तो अगर आप चिकन का जरूरत से ज्‍यादा सेवन कर रहे हैं, या कर रही है या अपने बच्‍चों को भी इसका आदी बना रही हैं तो इसे कम कर दीजिए। बाजार में मिलने वाला ये चिकन आपको प्रोटीन नहीं बल्कि धीमे-धीमे बीमार बना रहा है। अगर आप चिकन खाना बेहद पसंद करतेचिकन हैं तो किसी आर्गेनिक पॉल्ट्री फॉर्म का पता लगाएं और वहां से चिकन खरीदकर लाएं और फिर इसे भोजन में शामिल करें। मीट – मांस के अलावा आप अपने खाने में ज्‍यादा से ज्‍यादा रंगों की सब्जियों को शामिल करें।

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