Wednesday, November 22News That Matters

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मंगलदोष से पाना है छुटकारा तो मंगलवार के दिन कर लें इनमें से कोई भी एक काम

मंगलदोष से पाना है छुटकारा तो मंगलवार के दिन कर लें इनमें से कोई भी एक काम

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अक्सर देखा गया है कि जब बच्चों को नजर लग जाती है तो उनकी नजर विशेष रूप से मंगलवार या शनिवार के दिन उतारी जाती है। ऐसा क्यों? इसका सीधा अर्थ यही है कि प्रत्येक वार का अपना अलग महत्व है। सप्ताह के इन वारों का सीधा संबंध विभिन्न ग्रहों से है, इसलिए जिस ग्रह को शांत करना हो, उससे संबंधित उपाय विशेष वार को किए जाते हैं। शास्‍त्रों में भी माना गया है कि अगर आपकी कुंडली में कोई ऐसा ग्रह है, जो आपको कष्ट पहुंचा रहा है, तो आपको उस ग्रह से संबंधित देवी-देवता की आराधना करके उन ग्रहों को और अधिक शक्ति प्रदान नहीं करनी चाहिए। यह भी पढ़ें: शाम के समय भूल से भी ना करें ये 5 काम आती है दरिद्रता क्योंकि कष्टदाई ग्रह की शक्ति बढ़ने से आपके कष्ट में इजाफा ही होगा। हां, उस ग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान करने से उस ग्रह की दुष्टता कम होगी और आप का कष्ट कम होगा। मंगल उग्र ग्रह है और इनका वर्ण लाल माना
जन्म के महीने से जानें महिलाओं का स्वभाव

जन्म के महीने से जानें महिलाओं का स्वभाव

Religion, Women
हमारे इस सृष्टि  में स्त्रियों को सबसे रहस्यमय प्राणी समझा जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब बड़े-बड़े ज्ञानी-महाज्ञानी स्त्री के स्वभाव और उसके विचारों को नहीं समझ पाए तो तुच्छ मनुष्य की क्या हिम्मत लेकिन ज्योतिष शास्त्र द्वारा हम किसी महिला का व्यवहार तथा उसके भविष्य के बारे में जान सकते हैं। आज हम आपको जन्म के महीने के आधार पर बताते हैं कि किस माह में जन्मीं स्त्रियां कैसी होती हैं, उनके विचार, उनकी सोच और जीवन से उनकी प्राथमिकताएं क्या होती हैं।   जनवरी जनवरी महीने में जन्म लेने वाली स्त्री वक्ता, होशियार, क्रोधी स्वभाव वाली, रतनारे नेत्र वाली, सुंदर रूप- गोरे रंग वाली, धनवान, पुत्रवती और सभी सुखों को पाने वाली होती है। फ़रवरी फरवरी महीने में जन्म लेने वाली स्त्री श्रेष्ठ पतिव्रता, कोमल स्वभाव वाली, सुंदर हृदय, बड़े नेत्रों वाली, धनवान, क्रोध करने वाली तथा मितव्ययी होती है। मार्च म
अगर सुबह सुबह उठते ही कर लेते हैं ये काम तो बन जाएंगे सभी बिगड़े हुए काम

अगर सुबह सुबह उठते ही कर लेते हैं ये काम तो बन जाएंगे सभी बिगड़े हुए काम

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हर इंसान चाहता है की अगर वो मेहनत कर रहा है तो उसका फल भी उसे अवश्य मिलना चाहिए और इसीलिए इंसान किसी काम में सफल होने के लिए दिन रात मेहनत करता है लेकिन कई बार कठिन मेहनत करने के बाद भी उसे मनचाही सफलता नहीं मिल पाती है क्योंकि कभी कभी भाग्य साथ नहीं देता लेकिन ज्योतिष शास्त्रों में ऐसे कई उपाय बताए गए है जिसे अपनाने से सफलता आसानी से मिल जाती है। अगर आप चाहते हैं कि हर काम में आपका भाग्य हमेशा साथ दे तो नियमित रुप से सुबह जल्दी उठना चाहिए। ऐसा करने से आपका पूरा दिन शुभ और एनर्जी से भरा रहता है। सुबह जल्दी उठने से आपका पूरा दिन शुभ होता है इसलिए रोजाना सूर्योदय से पूर्व उठकर नितक्रिया करने के बाद स्नान करने से आपके जीवन में और घर परिवार में सुख और शांति बनी रहती है। पूजा पाठ तो हम रोजाना करते ही है लेकिन अगर आप नियमित गायत्री मंत्र का जाप करते है तो आपके घर से नकारात्मक उर्जा
तिलक लगाने में भूलकर भी ना करें इस अंगुली का प्रयोग

तिलक लगाने में भूलकर भी ना करें इस अंगुली का प्रयोग

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हिन्दू धर्म संस्कृति और परम्पराओ से भरा हुआ धर्म है और इन्हीं परंपराओं में से एक है माथे पर तिलक धारण करना, जिसे एक समय पहले तक धार्मिक तौर पर बहुत जरूरी माना जाता था। भारतीय धर्म में जब भी कोई धार्मिक कार्य, शुभ काम, यात्रा किया जाना होता है तब उसमे सिद्धि प्राप्त करने के लिए तिलक संस्कार किया जाता है। सिर पर तिलक लगाकर इस कार्य की शुभ सिद्धि के लिए कामना की जाती है| तिलक लगाने के लिए भिन्न-भिन्न अंगुलियां का प्रयोग  करना अलग-अलग फल प्रदान करता है और साथ ही गलत अंगुली के प्रयोग से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। तो आइये बताते है की कौन सी अंगुली का प्रयोग करना चाहिए तिलक लगाने के लिए। अनामिका अंगुली अनामिका अंगुली से तिलक करने से मानसिक शक्ति का विकास होता है और शांति मिलती है क्योंकि इस अंगुली का सम्बन्ध सूर्य से है और इसीलिए पूजा पाठ में इसी अंगुली से तिलक किया जाता है।   म
आज मौनी अमावस्या के दिन गंगा में डुबकी लगाने का है विशेष महत्व

आज मौनी अमावस्या के दिन गंगा में डुबकी लगाने का है विशेष महत्व

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माघ मेले के सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालु गंगा और यमुना के पवित्र संगम में आज डुबकी लगा रहे हैं। आपको बताना चाहेंगे की मौनी अमावस्या का स्नान संगम और आसपास के 19 घाटों पर हो रहा है जो आज सोमवार की शाम तक चलेगा। वैसे देखा जाए तो माघ मास का हर दिन पवित्र माना जाता है मगर इस महीने में मौनी अमावस्या का महासंयोग काफी विशेष महत्व है। बता दे की अमावस्या का दिन सोमवार होने की वजह से मौनी व सोमवती अमावस्या का यह महासंयोग और भी भाग्यशाली हो गया है। तीन-चार साल में एक बार ही मौनी व सोमवती अमावस्या का यह महासंयोग होता है। बताना चाहेंगे की अगर यह स्नान सोमवार को पङता है तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। मौनी अमावस्या के दिन भगवान विष्णु और शिव की पूजा की जाती हैं, स्वयं भगवान ने इस बात का उल्लेख किया है कि भगवान शिव और विष्णु वास्तव में एक ही है जिन्हाेंने
राशि के अनुसार जानें क्या है आपकी सबसे बड़ी कमजोरी

राशि के अनुसार जानें क्या है आपकी सबसे बड़ी कमजोरी

Interesting, Religion
अक्सर हम सभी की कोई न कोई कमजोरी होती ही है चाहे वो हेल्थ से रिलेटेड हो या हमारे व्यक्तित्व से जुडी हुई हो। हम में कोई न कोई कमियां पाई ही जाती है। ये कमियां क्या है? और क्यू है? बहुत से लोगो को मालूम नहीं होता है। किसी की कमजोरी अधिक गुस्सा करना होता है, तो किसी की चुगली करने की आदत होती है। सभी के स्वभाव में अलग-अलग कमजोरीयां होती ही है। लेकिन क्या आपको मालूम है? आप अपनी राशि के द्वारा अपनी सबसे बडी कमजोरी का पता लगा सकते है। जी हाँ, आज हम आपको इसी से सम्बंधित जानकारी देंगे जिससे आप अपने राशि के माध्यम से अपनी कमजोरी को जान सकेंगे। तो आइये जानते है कि हर राशि के जातकों के स्वभाव में कौन कौन सी अलग-अलग कमजोरी होती है। मेष राशि मेष राशि के जातको को आलस्य और लापरवाही की बुरी आदत होती है। जो की इनकी बहुत बड़ी कमजोरी है। इस आदत का मुख्य कारण इनकी कुंडली का बुध होता है। इस आदत से छुटकारा
आज है शंख पूजन, दूध भरे शंख से करें श्रीहरी का अभिषेक, दरिद्रता से मिलेगी मुक्ति

आज है शंख पूजन, दूध भरे शंख से करें श्रीहरी का अभिषेक, दरिद्रता से मिलेगी मुक्ति

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शास्त्रानुसार श्रीकृष्ण का स्वरूप कहे जाने वाले मार्गशीर्ष माह में शंख पूजन का विशेष महत्व रहेगा जो कि आज होना है। विष्णु पुराण अनुसार समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से शंख एक रत्न है। लक्ष्मी समुद्र पुत्री हैं व शंख उनका सहोदर भाई है। अष्टसिद्धि व नवनिधी में शंख का स्थान महत्वपूर्ण है। शंख को विजय, समृद्धि, सुख, यश, र्कीत व लक्ष्मी का साक्षात प्रतीक माना गया है। विष्णु पुराण के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान प्राप्त हुए 14 रत्नों में से ये एक रत्न है शंख। सुख-सौभाग्य की वृद्धि के लिए इसे अपने घर में स्थापित करना चाहिए। माना जाता है कि अगहन के महीने में शंख पूजन का विशेष महत्व है। अगहन के महीने में किसी भी शंख को भगवान श्रीकृष्ण का पंचजन्य शंख मान कर उसका पूजन-अर्चन करने से मनुष्‍य की समस्त इच्छाएं पूरी होती हैं। विशेष पूजन विधि शंख का विधिवत दशोपचार पूजन करें। रोली मिले
शनिवार को सूर्यास्त के समय करें ये उपाय, दूर हो जाएगा बुरा समय

शनिवार को सूर्यास्त के समय करें ये उपाय, दूर हो जाएगा बुरा समय

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हम सभी के लाइफ में बुरा वक्त आता है जब सभी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हमारे ज्योतिष में कुछ ऐसी बाते बताई गयी है जिससे ये बुरा समय टल सकता है और दूर भी हो सकता है। कुछ लोगो का मनना है कि बुरे वक्त के लिए शनिदेव जिम्मेदार होते है जो हमारे पापों का दण्ड देते है। जिसे कुछ लोग साढ़े साती भी कहते है इसलिए बुरे वक्त के दौरान शनि देव की पूजा करनी चाहिए। जिससे बुरा समय दूर हो सके और हमारे पापों का नाश हो सके। ज्योतिष के अनुसार शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार श्रेष्ठ दिन माना गया  है। शनिवार के दिन किए गए उपायों और पूजा अर्चना से शनि के दोष शांत हो जाते है और बुरा समय भी दूर हो जाता है। बहुत सारे लोगो की मान्यता है कि हनुमान जी के भक्तों को शनि के अशुभ फलों से मुक्ति मिलती है। यही कारण है जिसके चलते कई लोग शनिवार को हनुमान जी की पूजा करते है। तो आइए आज हम आपको बताते शनिवार को
आज शनिवार को पाना हो शनिदेव की कृपा तो जरूर कर ले यह छोटा सा काम

आज शनिवार को पाना हो शनिदेव की कृपा तो जरूर कर ले यह छोटा सा काम

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शास्त्रों और पुराणों के अनुसार बताया गया है की शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है अर्थात शनिदेवता हर उस व्यक्ति को जो अच्छे कर्म करता है उसको अच्छा फल और बुरे कर्म करने वालों को बुरा फल देते हैं। बताना चाहेंगे की शनिवार का दिन भगवान शनि की पूजा की जाती है। ऐसा मान अजाता है की यदि किसी की कुंडली में शनिदोष है तो उस व्यक्ति को शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए घोड़े की नाल को काम में लेना चाहिए। लोगों का मानना है की घोड़े की नाल बहुत ही प्रभावशाली होती है और यदि वह किसी काले घोड़े के अगले दाहिने पांव की पुरानी नाल हो तो उसका प्रभाव कई गुना अधिक बढ़ जाता है। आज शनिवार के दिन आज हम आपको बताएँगे की कैसे बहुत ही साधारण तरह से यह छोटा सा उपाय कर के आप शनि के टेढ़े प्रभाव को कम कर सकते है। बता दे की अगर किसी व्यति के उपाय शनि की साढ़े साती या ढय्या चल रही हो तो उस व्यक्ति को शनिवार के दिन को
अगर आप भी स्नान करते समय बोलते हैं ये मन्त्र तो आपको भी मिलेगा तीर्थ स्नान के बराबर फल

अगर आप भी स्नान करते समय बोलते हैं ये मन्त्र तो आपको भी मिलेगा तीर्थ स्नान के बराबर फल

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भारत अनादि काल से संस्कृति, आस्था, आस्तिकता और धर्म का महादेश रहा है। इसके हर भाग और प्रान्त में विभिन्न देवी देवताओ से सम्बद्ध धार्मिक स्थान (तीर्थ) हैं, जिनकी यात्रा के प्रति एक आम भारतीय नागरिक, पर्यटक और धर्म अध्यात्म दोनों ही आकर्षणों से बंधा इन तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए सदैव से तत्पर रहते है और ऐसी मान्यता है की तीर्थ स्थलों पर देवी देवताओ का वास होता है इसलिए तीर्थ स्थलों पर जाकर स्नान करने से और पूजा पाठ करने से मनुष्य को  सारे पाप से मुक्ति मिलती है और साथ ही मोक्ष की भी प्राप्ति होती है। आज हम आपको एक ऐसा मंत्र बताने वाले है जिसके उच्चारण मात्र से आप घर पे स्नान करके ही तीर्थ स्नान के बराबर फल की प्राप्ति कर सकते है  जिसे आपको सूर्योदय के पूर्व स्नान करते समय जाप करना है और ये मन्त्र : गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति।। नर्मदे सिन्धु कावेरि जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।। प्