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आइए जानें, ब्लड में कैसे पूरी करें Platelets की संख्या

ये तो हम सभी जानते है कि हमारे शारीर में रक्त के अंदर ब्लड सैल्स होते है जो हमारे शरीर को संक्रामक रोगों से बचाती है और उनसे लडऩे की क्षमता भी प्रदान करती हैं सैल्स हमारे शारीर में लगातार नष्ट होते है और बनते रहते हैं। आज के बिजी लाइफ में हम अपने शरीर पर अक्सर ध्यान नही दे पाते है जिससे दिनों दिन ब्लड सेल्स कम होने की परेशानी आम हो रही है।

डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड जैसे अन्य गंभीर वायरल बुखार के संक्रमण से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर कम कर दे रही हैं, जो हमारे शारीर के रक्त में प्लेटलेट्स की संख्याओ पर डिपेंड करता है यदि वक्त के पहले इन का उपचार न किया जाए तो यह गंभीर व घातक बन सकता है। इसके अतिरिक्त कैंसर, एड्स, एक्सीडेंट में बहा रक्त व अन्य कई तरह की बीमारियां भी हमारे शारीर में प्लेटलेट्स की संख्या को कम कर देते हैं।

प्लेटलेट्स सैल्स की भूमिका

हमारे शारीर के रक्त में लाल व सफेद रक्त कोशिकाओं व तरल पदार्थ के अलावा कई अन्य चीजें होती हैं, जिनमें से एक प्लेटलेट्स हैं, जो रक्त को गाढ़ा बनाने में मुख्य भूमिका निभाती है। जो रक्तस्त्राव रोकने में मदद करती है। रक्त में 1.5 से 4 लाख तक प्लेटलेट्स होना नॉर्मल है लेकिन रक्त में जहाँ इनकी संख्या 10 हजार से कम होती है तो प्लेटलेट्स चढ़ाना पढ़ सकता है साथ ही शरीर से रक्त स्त्राव होने का खतरा भी रहता हैं। यदि स्त्राव शारीर के अंदर ही रहे तो शरीर के विभिन्न अंगों को हानि होने की आशंका भी बढ़ जाती है वही रक्त में प्लेटलेट्स की अधिकता हो तो थ्रोबोसाइटोसिस हो सकता है जो रक्त को बहुत ही ज्यादा गाढ़ा बना देती है।

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डेंगू बुखार में क्यों कम होते हैं प्लेटलेट्स?

डेंगू असल में मादा एडीस मच्छर जब रक्तवाहिनी नसों में काट लेती है तो रक्त में इंफैक्शन तेजी से फैलने लगता है। जिसके फलस्वरूप रक्त से पानी अलग होने आरम्भ हो जाता है और प्लेटलेट्सो की संख्या में तेजी से गिरावट आने लगती है जिससे खून का थक्का जम नहीं पाता है। हमारे शारीर में आरबीसी व प्लाज्मा की अपेक्षा प्लेटलेट्स का जीवनचक्र केवल 7 से 8 दिन तक ही होता है, इसलिए वायरस प्लेटलेट्स को सबसे पहले प्रभावित करती है।

इन घरेलू तरीके से बढ़ाएं प्लेटलेट्स

प्लेटलेट्सो की संख्या रक्त में आयरन व हीमोग्लोबिन की कमी के कारण कम हो जाती है, इसलिए हमे मौसम बदलने के साथ ही खाने-पीने के तरीको पर भी ध्यान बहुत जरूरी हो जाता है। हमें हरी सब्जियों के साथ-साथ, आंवला, चीकू, काजू, बकरी का दूध, नारियल पानी, ब्रोकली, विटामिन के, सी और कैल्शियम युक्त आहार हमे अपने भोजन में शामिल करना चाहिए

पपीता

पपीता और इसकी पत्तियां हमारे शारीर के साथ-साथ हमारे ब्लड के प्लेटलेट व सैलस बढ़ाने के लिए बहुत फायदेमंद है। अगर पपीते की पत्तियों को पानी में उबाले तब तक जब तक की पानी आधा ना हो जाए,उस पानी का सेवन करना बहुत फायदेमंद है।

चुंकदर


यह तो हम सभी जानते है चुंकदर ब्लड के लिए सबसे अच्छा सोर्स है चुकंदर में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता हैं, जिसका  सेवन करने से बहुत जल्द ही प्लेटलेट्स की संख्याओ में बढ़ोतरी हो जाती है। अगर गिलास में गाजर के रस में 3 से 4 चम्मच चुंकदर का रस मिला डे तो जल्द फायदा मिलता है।

ताजा दूध


दूध जो कैल्शियम का सबसे बड़ा स्त्रोत है, जिससे हड्डियां मजबूत होती है। यह ब्लड प्लेटलेट को दोबारा विकसित हो ने मदद करता है। ऐसे में आपको दूध डेली पीना चाहिए।

नारियल पानी


इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स होते है जो ब्लड में प्लेटलेट्स की कमी को पूरा करने में सहायक होते है।नारियल पानी का सेवन भी करना फायदेमंद है।

आंवला


आंवले में मौजूद विटामिन-सी पाए जाते है जो प्लेटलेट को प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में सहायक होते है। यदि आंवला को प्रतिदिन सुबह खाली पेट 1 से 2 आंवला खाएं अथवा आंवले के जूस में शहद मिलाकर पिये तो यह शारीर के साथ साथ ब्लड के लिए भी फायदेमंद होगा।

कद्दू


कद्दू रक्त कोशिकाओं में प्रोटीन को नियंत्रिण में रखता है साथ ही ब्लड प्लेटलेट को भी बढ़ता है। कद्दू भी प्लेटलेट के स्तर को बढ़ाने का काम करता है। यदि आधा गिलास कद्दू के जूस में दो चम्मच शहद मिलाकर पीएं तो यह ब्लड के लिए अच्छा होता है।

गिलोय


गिलोय की डंडी को रात भर पानी में भिगो कर रखकर सुबह उसका पानी पीने से तेजी से प्लेटलेटस की संख्या के साथ साथ उसमे प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। यदि उस पानी को आप पी नही पा रहे है तो दो चुटकी गिलोय के सत्व को एक चम्मच शहद के साथ दिन में दो बार लें।

पालक

पालक जो की कई बीमारियों में डॉक्टर द्वारा सलाह देते हुए सुन ही लेते है कि पालक का सेवन करे। पालक में विटामिन-सी पाए जाते है जो प्लेटलेटस को बढ़ाने में व रक्त को शुद्ध बनाये रखने मदद करते है। यदि 2 कप पानी में 4-5 ताजा पालक के पत्ते डालकर उबालें और ठंडा होने पर इसमें आधा गिलास टमाटर का रस मिलाकर पीएं तो यह बहुत अच्छा होता है इसके अलावा आप टमाटर के सब्जी व जूस का भी सेवन कर सकते है जो हेल्थ के लिए सही है।

 

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