Thursday, December 14

बड़ी खबर: आने वाला है सबसे चर्चित हत्याकांड का फैसला

भारतीय अपराधिक घटनाओं में आरूषि हत्याकांड एक एसी घटना है जो हमेशा याद रखी जाएगी। 16 मई 2008 की रात डॉक्टर राजेश और नूपुर तलवार ने अपन नोएडा स्थित जलवायु विहार सेक्टर 25 में ऐसा जघन्य अपराध किया जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। तलवार दंपति ने अपने 14 साल की बेटी आरुषि और अपने घरेलू नौकर हेमराज की हत्या करके सबूत को मिटा दिए।

आरंभ में अरुसी के पिता ने अपने घरेलू नौकर हेमराज पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस हेमराज की तलाश कर रही थी पर खोज के बाद हेमराज का शव तलवार दंपति के फ्लैट की छत पर पाया गया जिससे ऐसा शक हुआ कि तलवार दंपति ने ही दोनों की हत्या की है। इस घटना ने समय-समय पर कई मोड़ लिये। कई बार इसमें बलात्कार के बाद हत्या करने की बात भी सामने आई।

हालांकि इस घटना में तरह तरह की आश्चर्यजनक मोड़ आए कई बार ऐसा लगा कि यह हत्या तलवार दंपति के घरेलू नौकर हेमराज ने अपने दोस्तों के साथ की है। बाद में पुलिस ने यह भी कहा कि डॉक्टर तलवार दंपति ने ही नौकर और अपनी बेटी की हत्या उनको आपत्तिजनक हालत में देखने के बाद किया मीडिया में इस केस के जबरदस्त चर्चा के कारण यह केस सुर्खियों में बना रहा। सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे हैं इस केस ने बहुत नाटकीय मोड़ लिए ।

 

 

इस सवाल का जवाब खोजने में कि आखिर आरुषि और हेमराज का हत्यारा कौन है सीबीआई ने एडी चोटी का जोर लगा दिया।हाई प्रोफाइल केस होने की वजह से इसमें बहुत सावधानियां बरती गई। कई चरण की सुनवाई के बाद गाजियाबाद के स्पेशल सीबीआई कोर्ट के जज एस लाल अब अब इस पर फैसला सुनाने वाले हैं।

 

गौर करने वाली बात यह है कि ठीक 5 दिन के बाद ही जज एस लाल रिटायर होने वाले हैं। वहीं गाजियाबाद के डासना जेल में अपनी उम्र कैद काट रहे तलवार दंपति भी इस केस के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आरुषि हत्याकांड को देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री कहा जाए तो अतिशयोक्ति ना होगी ।यह एक ऐसा केस था जिस पर अब तक एक किताब लिखी जा चुकी है और एक फिल्म भी बनाई जा चुकी है।

इस केस के बारे में नईं जानकारियां आरुषि की आंटी वंदना तलवार ने लोगों के सामने रखी। बंदना तलवार के मुताबिक सीबीआई की दूसरी टीम नूपुर दंपति के खिलाफ पक्षपात कर रही है। सीबीआई की टीम में ऐसे अफसर हैं। जो नूपुर तलवार के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं। इसके लिए उन्होंने तमाम दलीले भी दी। पहली बात तो उन्होंने सीबीआई के ऑफिसर ऐ जी कौल के बारे में कही। इन के अनुसार ऐ जी कौल ऐसे अफसर हैं जिनपर उनके ही डिपार्टमेंट के लोगों का शक है, और ऐ जी कौल नूपुर तलवार से इसलिए नाराज रहते थे। क्योंकि वह अपनी बात को बेबाकी से बताती थी। साथ ही साथ बंदना तलवार ने यह भी बताया कि सीबीआई की दूसरी टीम ने पहली टीम के सारे थ्योरी को पलट कर रख दिया।

वंदना तलवार ने गांधीनगर की लैब पर भी सवाल उठाए जिसमें इस केस से जुड़े तथ्यों की जांच हुई थी। उनके मुताबिक एम एस दहिया, जो गांधीनगर लैब के निदेशक ने गोधरा कांड में पूरी जांच रिपोर्ट को ही पलट दिया था। उनके अनुसार साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में आग बाहर से नही बल्कि अंदर से लगाई गई थी। और इस तरह का कारनामा श्री दहिया ने इस केस में भी किया है।

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