Bhai Dooj 2018 : भैया दूज का क्या है महत्व, शुभ मुहूर्त तथा पुजा विधि

दिवाली के दो दिन बाद भैया दूज का त्यौहार मनाया जाता हैं, इस दिन बहने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारती हैं और उनके उज्जवल भविष्य और दीर्घायु की कामना करती हैं। ऐसे में आज हम आपको भैया दूज का शुभ मुहूर्त, पुजा विधि और भैया को तिलक लगाने के शुभ मुहूर्त का समय|

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इस साल भैया दूज का त्यौहार 9 नवंबर यानि कल माया जाएगा| भैया दूज दिवाली के त्यौहार मनाने का आखिरी दिन होता हैं क्योंकि दिवाली का त्यौहार पाँच दिनों तक मनाया जाता हैं और इसकी शुरुआत धनतेरस से शुरू होकर भैया दूज तक रहता हैं| दरअसल भैया दूज बहन-भाई के प्यार का त्यौहार हैं और इस दिन बहने जहां अपने भाई से प्यार जताने के लिए उनके माथे पर तिलक लगाकर उनके उज्जवल भविष्य और लंबी उम्र की कामना करती हैं तो वहीं दूसरी ओर भाई अपने बहनों को उपहार देते हैं|

भैया दूज का शुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त की शुरुआत दोपहर 1: 10 मिनट से शुरू होकर दोपहर 3:27 मिनट तक रहेगा अर्थात भैया दूज का शुभ मुहूर्त सिर्फ 2 घंटे 17 मिनट तक रहेगा|

पूजा विधि

इस दिन सभी बहने आटे का चौक तैयार कर ले और अपने भाई को उस चौक पर बैठाएँ और हाथों की पुजा करे| पुजा के लिए आप अपने भाई के हथेली पर चावल का घोल लगाएँ| इसके बाद इसमें सिंदूर लगा कर पान, सुपारी, कद्दू के फूल इत्यादि रखकर उनके हाथों पर पानी छोड़े और पानी छोड़ते समय मंत्र का जाप करे| अपने भाई का मुंह मीठा करने के लिए मिश्री खिलाएँ और अब शाम के समय यमराज के नाम चौमुखा दिया जलाकर उसका मुंह दक्षिण दिशा की ओर रख दे|

आपकी जानकारी के बता दें कि इस दिन बहन के घर भोजन का रिवाज हैं| दरअसल ऐसी मान्यता हैं कि इस दिन यमुना ने अपने भाई यम को खाने पर आमंत्रित किया था| इसलिए इसे यम द्वितीय भी कहते हैं और ऐसा कहा जाता हैं कि इस जो भी भाई अपने भाई के साथ भोजन करता हैं वह पूरे साल झगड़े से दूर रहता हैं|

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