घर में इस स्‍थान पर रखेंगे झाड़ू तो होगी धन की बरसात, एक बार जरूर आजमाकर देखें

शास्त्रों के अनुसार झाड़ू को भी महालक्ष्मी का ही एक स्वरूप माना गया है इसीलिए झाड़ू से दरिद्रता रूपी गंदगी को बाहर किया जाता है। जिन घरों के कोने-कोने में भी सफाई रहती है, वहां का वातावरण सकारात्मक रहता है। घर के कई वास्तु दोष भी दूर होते हैं।

इसी झाड़ू के कारण व्यक्ति करोड़पति और कंगाल दोनों बन सकता है, क्योंकि घरों में इस्तेमाल होने वाली झाड़ू आर्थिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है| हमारे शास्त्रों में झाड़ू के प्रयोग और और उसके प्रयोग करने की विधि के बारे में बहुत कुछ बताया गया है|

यदि आप इन शास्त्रों पर विश्वास रखते है ये ये जानकारी आपके लिए बहुत ही फलदायक साबित हो सकती है

झाड़ू जब भी ख़रीदे कृष्णपक्ष में ही ख़रीदे क्योंकि शुक्लपक्ष में खरीदी गई झाड़ू दुर्भाग्य का सूचक है।

झाड़ू हमेशा कड़े वारों में खरीदना चाहिए जैसे मंगलवार ,शनिवार और रविवार क्योंकि सौम्य वारों पर झाड़ू खरीदने पर धन हानि होती है।

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झाड़ू  को कभी भी घर के ईशान कोण में नहीं रखनी चाहिए अन्यथा देव आगमन में बाधाएं आती हैं और दुर्भाग्य स्वयं चलकर घर में प्रवेश करता है।

शास्त्रों के अनुसार घर में झाड़ू को रखने का सबसे उचित स्थान घर का दक्षिण पश्चिम कोण को माना जाता है।

घर में झाड़ू लगाने का उचित समय सदैव दिन के पहले चार पहर बताए गए हैं। रात के चार पहरों में झाड़ू लगाने से दरीद्रता का सामना करना पड़ता है |

झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है  इसीलिए झाड़ू लगाते समय कभी भी पैर से उसका स्पर्श नहीं करना चाहिए अन्यथा उन्हीं पैरों से चलकर अलक्ष्मी घर में स्थान बनाती हैं।

झाड़ू को हमेशा सबकी नजरो से छुपा कर रखना चाहिए।

हमे कोशिश यही करनी चाहिए की सूर्यास्त के बाद या पहले झाड़ू ना लगाये फिर भी यदि जरूरी हो और लगाना पड़े तो शाम को सूर्यास्त से पहले लगाने वाले झाड़ू की मिट्टी को कभी भी घर से बाहर नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि शास्त्रों में इस मिटूटी को मातृका मिट्टी कहा गया है जो बाहर निकालने पर लक्ष्मी तो घर से बाहर चली जाती है साथ ही  अलक्ष्मी घर में प्रवेश कर जाती है।

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