जानें, स्पेस में कैसी होती है एस्ट्रोनॉट्स की लाइफ, कैसे करते है ये अपने पर्सनल काम

स्पेस में जीरो ग्रेविटी होती है ये तो आपको पता ही होगा मगर वहां गये एस्ट्रोनॉट्स उस जीरो ग्रेविटी में रहते कैसे होंगे, नहाते कैसे होंगे अपने पर्सनल काम कैसे करते होंगे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस बारे में क्या आपने कभी सोचा है

नासा की ओर से स्पेस में भेजे गये एस्ट्रोनॉट ने स्पेस लाइफ का अपना अनुभव शेयर किया है। एस्ट्रोनॉट्स ने अपना अनुभव लोगो से शेयर करते हुए बताया कि जैसे ही वो स्पेस में पहुँचे उनके शरीर में बदलाव आने शुरू हो गये। पृथ्वी पर जहाँ हमारा शरीर पैरों के सहारे खड़ा होता है, वहीँ स्पेस में ऐसा न होकर ठीक इसके विपरीत होने लगता है। स्पेस में हमारा शरीर जीरो ग्रेविटी होने के कारण हवा में तैरने लगता है, जिसके कारण वहां ब्रश करने से लेकर नहाने जैसे सभी रूटीन कामों में काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कुछ इस तरह का एक्सपेरिमेंट भी हुआ है

कुछ इस तरह का एक्सपेरिमेंट भी हुआ है क्या स्पेस में भी इंटीमेंट हुआ जा सकता है? यह जानने और समझने के लिए पृथ्वी पर ही जीरो ग्रेविटी चैम्बर में एक्सपेरिमेंट किया गया। यह एक ऐसा एंटी ग्रेविटी चैम्बर था जिसका माहौल बिल्कुल स्पेस की तरह था। इसमें रूस की एक महिला और पुरुष साइंटिस्ट को इंटीमेंट होने को कहा गया। लेकिन यह काफी मुश्किल काम था क्योंकि इंटीमेंट होंते समय भी दोनों को अपने स्पेशल बेल्ट से बंधे रहना था ताकि उनका शरीर जीरो ग्रेविटी की वजह से उड़े नहीं।

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