काशी विश्वनाथ में लगाया गया एयर प्यूरीफायर, प्रदूषण को करेगा कम

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी में विश्वनाथ मंदिर कोरिडोर का काम काफी तेजी से चल रहा है। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के कोरिडोर बनाने के लिए जो भवन खरीदे गए थे उसके ध्वस्तीकरण का काम चल रहा है। इस ध्वस्तीकरण से मंदिर में जो प्रदूषण फैल रहे हैं उसे कम करने के लिए बुधवार के दिन एयर प्यूरीफायर लगाया गया है। अभी इसका ट्रायल एक महीने के लिए किया जा रहा है अगर ये सफल हुआ तो आने वाले दिनों में और भी मशीनें लगाई जाएंगी।

इस मशीन को बंगलुरू की कम्पनी ने इंस्टॉल करा दिया है। मंदिर के कोरिडोर के लिए जो भवनों को खरीदा गया है उनमें से ही कुछ भवनों को तोड़ने का काम चल रहा है। भवनों को तोड़ने के लिए 3000 मजदूर लगाए गए हैं। ये मजदूर रात के 11 बजे से लेकर सुबह तक ध्वस्तीकरण का कार्य करते हैं। इस कार्य को करने से जो धूल उड़ते हैं उससे मंदिर और उसके आस पास के लगभग तीन से चार किलो मीटर तक की हवा पूरी तरह से प्रदूषण से भर गई है।

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इस मंदिर के कोरिडोर को बनाने के लिए 25 हजार वर्ग मीटर भूमि तय को गई है और इस तय की गई भूमि में से दो सौ छानबे भवनों को खरीदा जाना है। अभी तक इसमें से 65 प्रतिशत भवन खरीदा जा चुका है। फिलहाल में 60 जगहों पर ये कार्य चल रहा है।

यहां एक मजिस्ट्रेट , तहसीलदार , लेखपाल और इसके अतिरिक्त भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है जो उसे समय वहां हो रहे कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को संभालेगी। सूत्रों के अनुसार पता चला है कि वहां को पुरानी गलियों और पुराने जर्जर मकानों के होने के कारण वहां एनडीआरएफ को भी तैनात किया गया है। इस ध्वस्तीकरण के दौरान मिल रहे मंदिरों के बारे में बहुत सारी चर्चाएं हो रही हैं। ये खबर चारो तरफ काफी तेजी से फ़ैल रही है।

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