Monday, February 19

इस बात से परेशान होकर दिव्या भारती ने की थी शादी पर 11 महीने बाद ही हो गई मौत, जानें क्या हुआ था हादसे की रात

बॉलीवुड में ऐसी कई अभिनेत्रियाँ है, जिन्होंने अपने खूबसूरती और मासूमियत से करोड़ो दर्शको का दिल जित लिया है। ऐसी ही बॉलीवुड की एक कमाल की अभिनेत्री दिव्‍या भारती थी, जिन्होंने काफी कम समय में ही अपने खूबसूरती व मासूम चेहरे के कारण शुरुवाती दिनों में ही कामयाबी की बुलन्दियों को छू लिया था। “सात समुन्दर..”, “ऐसे दीवानगी..” जैसे उन पर फिल्माएँ गये गाने आज लोगो के दिलो मानो छू सा जाता है। दिव्या भारती जहाँ अपने कैरियर के शुरुवाती सालों बॉलीवुड को 12 सुपरहिट फिल्में दी।

वहीँ दूसरे साल में इतनी सफलताएँ मिलने के बावजूद उनके साथ ऐसा क्या हो गया जिसके कारण इस सफल और खूबसूरत अभिनेत्री ने मौत को गले लगा लिया। मात्र 19 वर्ष की आयु में दिव्या भारती ने मौत को गले लगा लिया लेकिन उनकी मौत की वजह आज तक साफ़ नही हो पाई है। लेकिन अब दिव्या भारती की मौत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे तो चलिए आज हम आपको बताते है आखिर उनकी मौत कैसे हुई? फिल्म “शोला और शबनम” की शूटिंग के दौरान इस फिल्म के हीरो गोविंदा ने दिव्या को निर्देशक-निर्माता साजिद नाडियावाला से मिलवाया था और समय के साथ ही साथ दोनों को एक दुसरे से प्यार हो गया था।

बात अब शादी तक पहुँच चुकी थी। दिव्या ने अपना धर्म पतिवर्तन कर सन् 1992 में उनसे शादी भी कर ली। कुछ लोगों की माने तो दिव्या के आकस्मिक मौत के पीछे साजिद का हाथ बताया गया। कई लोगो ने इसे एक्सीडेंट बताया तो किसी ने एक वजह यह भी बताया कि साजिद का अंडरवर्ल्ड के साथ भी रिश्ता था, जिससे दिव्या भारती परेशान हो चुकी थी। काफी लंबे समय के बाद छानबीन करने के बावजूद भी पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पायी और 1998 में यह केस बंद कर दिया।

लेकिन उस रात क्या हुआ था? कैसे दिव्या की मौत हो गई? और चंद घंटों पहले तक क्यों इतनी खुश थी दिव्या? अपनी मौत वाले दिन ही दिव्या ने मुंबई में ही अपने लिए नया 4 बीएचके का घर खरीदा था और डील फाइनल की थी। रात के करीब 10 बजे होंगे जब मुंबई के पश्चिम अंधेरी, वरसोवा में स्थित तुलसी अपार्टमेंट के पांचवें माले पर उनके घर में उनकी दोस्त और डिजाइनर नीता लुल्ला अपने पति के साथ उनसे मिलने आई हुई थीं। तीनो लिविंग रूम में बैठे बातों में मस्त थे औऱ मदिरापान चल रहा था। रात के करीब 11 बज रहे थे। अमृता किचन में कुछ काम करने गईं, नीता अपने पति के साथ टीवी देखने में व्यस्त थीं।

इसी वक्त दिव्या कमरे की खिड़की की तरफ गईं और वहीं से तेज आवाज में अपनी नौकरानी से बातें कर रही थीं। दिव्या के लिविंग रूम में कोई बालकनी नहीं थी लेकिन इकलौती ऐसी खिड़की थी जिसमें ग्रिल नहीं थी। खिड़की पर खड़ी दिव्या ने मुड़ कर सही से खड़े होने की कोशिश कर रही थीं कि तभी उनका पैर फिसल गया। दिव्या सीधे नीचे जमीन पर जाकर गिरीं। उन्हें तुरंत ही कूपर अस्पताल ले जाया गया लेकिन अफसोस कि तब तक देर हो चुकी थी।

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