हवाई सफर करने वालों को प्‍लेन के बारे में जान लेनी चाहिए ये जरूरी बातें वरना पछताएंगे आप

हम सभी कभी न कभी हवाई सफर जरूर करते हैं और यह अनुभव अपने में खास होता है क्योंकि हमें बहुत सारी सेक्युरिटी से गुजरना पड़ता है। प्लेन के साथ तो ऐसा भी नहीं है कि हम इसे दौड़ कर पकड़ लें। खैर कई यात्री इस सफ़र में डरे हुए भी रहते हैं। आज हम बात करने जा रहे हैं उन बातों की जो हमे हवाई जहाज के बारे में नही पता होती हैं और जिनके कारण हम डर जाते हैं। आपको जरूर पता होनी चाहिए ये बातें।

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क्या गंदी होती है प्लेन की हवा

हवाई जहाज में हवा कहाँ से आती है इस बात को लेकर लोग कई तरह के अनुमान लगाते हैं। अफवाह है कि इस हवा में खतरनाक बैक्टेरिया होते हैं। दरअसल प्लेन के अंदर की हवा प्लेन के दोनों इंजन से आती है। कम्प्रेसर और फिल्टर की मदद से इस हवा को पहले साफ किया जाता है। इस  हवा को फिर कैबिन केे प्रेशर के हिसाब से मैनेज किया जाता है। फिर इस हवा को दुबारा साफ किया जाता है। इसके बाद ही इस हवा को अंदर एयरकंडीशन के मदद से भेजा जाता है।

खराब मौसम से कभी प्लेन क्रैश नही हो सकता

इसकी संभावना बहुत कम होती है जबतक प्लेन के सभी पुर्जे ठीक हो। प्लेन का हिलना बहुत लोगो को खतरनाक इसलिए लावत है क्योंकि अगर आपने सीट बेल्ट नही लगाई है तो आप टकरा सकते हैं।

लैंडिंग के समय कम लाइट

ऐसा इसलिए करते हैं ताकि एमरजेंसी एग्जिट के समय लोगो की आंख की रौशनी पहले से ही एडजस्ट हो जाए और उन्हें आसानी से एमरजेंसी गेट आसानी से मिल जाए।

प्लेन विंग्स पर लगे हुक

इन्हें एमरजेंसी एग्जिट के समय के लिए लगया जाता है, विंग्स पर लोग फिसल सकते हैं इसलिए इन हुक्स की मदद से रस्सी को लटकाया जाता है ताकि एग्जिट आसानी से हो सके।

काला त्रिभुज

यह कुछ पैसेंजर सीट्स के ऊपर पाया जाता है, असल में ये उन जगहों पर होते हैं जहां से प्लेन के पंख सबसे ज्यादा आसानी से दिखते हों। Airbus A30 के पायलट मानते हैं इससे पायलट को ऑटोमैटिक फ्लैप और इंडिकेटर खराब की स्थिति में ये पता होता है कि प्लेन की स्थिती क्या है।

कुल्हाड़ी

कॉकपिट में कुल्हाड़ी होने जरूरी होता है, इसका इस्तेमाल आग लगने या कभी गेट अटक जाने की हालत में करते हैं।

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