Thursday, December 14

26/11 आतंकी घटना की वो काली रात, जानें कब क्या हुआ था

मुंबई के इतिहास में लहू से लिखी 26/11 की आज 9वीं बरसी है। मुंबई आतंकी हमले को कोई भुला नहीं पाया है। हमले के प्रत्यक्षदर्शी उस मंजर को याद कर कांप उठते हैं। मुंबई हमलों में 166 लोगों की मौत हो गई थी। आइये इस आतंकी हमले के कुछ महत्वपूर्ण बातो पर नजर डालते है।

कराची से आये आतंकवादी नाव के रस्ते मुंबई में प्रवेश किये

मुंबई के 26/11 को हुई आतंकी हमले के छानबीन में जो बाते सामने आई है उसके मुताबिल कराची के 10 हमलावर नाव के रास्ते मुंबई में घुसे साथ में इसी नाव पर चार भारतीय भी सवार थे जिन्हें किनारे तक पहुंचते पहुंचते मौत के घाट उतार दिया गया., ये हमलावर कोलाबा के पास कफ़ परेड के मछली बाज़ार पर रात के तक़रीबन आठ बजे उतरे थे वहां से वे सभी अलग हो गये और चार ग्रुपों में बंट गए और टैक्सी लेकर अपनी अपन मंजिल की तरफ चले गए।

 

मुंबई के कुछ मछुआरे को इन लोगों की भाग दौड़ देखकर इनपर शक भी हुआ और उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी भी दी लेकिन इलाक़े की पुलिस ने इस पर कोई ख़ास ध्यान भी दिया और ना ही इस बात की जानकारी बड़े ख़ुफ़िया अधिकारीयों तक पहुचने की जरूरत ही समझे।

पहला टारगेट बना छत्रपति शिवाजी टर्मिनस

26/11 के आतंकी हमले में आतंकियों ने जहां जान-माल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया था, वह था छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस। यह मुंबई के व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में से एक है। उस रात आतंकी कसाब और इस्माइल ने यहां बेगुनाह लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और करीब 60 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।

लियोपॉड कैफे

मुंबई का लियोपॉड कैफे विदेशी पर्यटकों के बीच बहुत मशहूर है। मुंबई घूमने आने वाले ज्यादातर विदेशी मेहमान इस कैफे में जरूर आते हैं। 26/11 की रात भी रोज की तरह इस कैफे में जमावड़ा लगा हुआ था। आतंकियों ने विदेश तक अपनी धमक पहुंचाने के लिए इस कैफे को चुना।

विले पारले और बोरीबन्दर भी निशाना बने

इसके अलावा करीब 10:40 बजे विले पारले इलाक़े और बोरीबंदर में एक टैक्सी को बम से उड़ाने की ख़बर मिली जिसमें दो ड्राइवर और एक यात्री मारा गया, तकरीबन 15 लोग घायल भी हुए।

ओबेरॉय होटल

आतंकियों ने मुंबई के इस पांच सितारा होटल को भी अपनी साजिश का निशाना बनाया था। आतंकियों ने इस होटल में कई बेगुनाह लोगों को बंदी बना लिया था।

यह भी पढ़ें : ये है पद्मावती फिल्म की तीन सबसे बड़ी गलतियाँ, जिसकी वजह से हो रहा है इतना बवाल

होटल ताज

सीएसएमटी के बाद आतंकियों ने सबसे ज्यादा नुकसान जिस जगह पहुंचाया, वह था गेटवे ऑफ इंडिया के पास का ताजमहल होटल। आतंकियों और भारतीय सुरक्षा बलों के बीच यहां करीब 3 दिनों तक संघर्ष चला। आतंकियों ने मुंबई के इस प्रसिद्ध होटल में भी लोगों को बंधक बना लिया था। बाद में इस होटल को आतंकियों से सुरक्षा बलों ने रिहा करा लिया और कई लोगों की जान बचा ली थी।

इस खुनी खेल का मास्टर माइंड रिहा

गौरतलब है कि पाकिस्तान की एक अदालत ने आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने को कारण बताकर पिछले गुरुवार को उसे नजरबंदी से रिहा कर दिया। इस घटना की बरसी से चार दिन पहले सईद को रिहा कर पाकिस्तान ने हमले के पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: