12 जुलाई बड़ा गुरुवार बस घर में इस जगह जला दें एक कपूर, हर मनोकामना हाथों-हाथ होगी पूरी

कपूर का वास्तु एवं ज्योतिष शास्त्र दोनों में इसके महत्व और उपयोग के बारे में बताया गया है। कपूर के औषधि रूप में कई फायदे हैं। आज हम आपको बताएंगे की कपूर से आप कैसे संकट से मुक्ति पाकर मालामाल हो सकते हैं और कैसे आप अपने ग्रहों और घर की बाधाओं से मुक्त रह सकते हैं| कपूर जलाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है।

शास्त्रों के मुताबिक देवी-देवताओं के समक्ष कपूर जलाने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। अत: प्रतिदिन सुबह और शाम पुजा के समय घर में कपूर जरूर जलाएं। कपूर के फायदे के बारे में वैज्ञानिक ने भी माना हैं की इसकी सुगंध से जीवाणु, विषाणु आदि बीमारी फैलाने वाले जीव नष्ट हो जाते हैं जिससे वातावरण शुद्ध हो जाता है तथा बीमारी होने का भय भी नहीं रहता हैं। आइए जानते हैं कपूर के कुछ उपाय…..

(1) कपूर जलाने से देवदोष व पितृदोष का शमन होता है। अक्सर लोगों की शिकायत होती हैं कि उनके  ऊपर  पितृदोष या काल सर्पदोष है। दरअसल, यह राहु और केतु का प्रभाव मात्र है। इस दोष को दूर करने के लिए अपने घर के वास्तु को ठीक करें। यदि आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो प्रतिदिन सुबह, शाम और रात्रि को तीन बार घी में भिगोया हुआ कपूर जलाएं। घर के शौचालय और बाथरूप में कर्पूर की 2-2 टिकियां रख दें।

(2) राहु, केतु और शनि आकस्मिक घटना या दुर्घटना के कारण होते हैं। इसके अलावा हमारा क्रोध भी दुर्घटना का कारण बनता हैं। इसके लिए रात्रि में हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद कपूर जलाएं।

(3) यदि आप अपने घर में सकारात्मक उर्जा और शांति का निर्माण करना चाहते है तो प्रतिदिन सुबह और शाम कपूर को घी में भिगोकर जलाएं और पूरे घर में उसकी खुशबू फैलाएं। ऐसा करने से घर की नकारात्मक उर्जा समाप्त हो जाएगी।

(4) गुलाब के फूल में कपूर का टुकड़ा रखें दे और शाम के समय फूल में एक कपूर जला दें| अब इस फूल को माँ दुर्गा को चढ़ा दें। इससे आपको अचानक धन की प्राप्ति हो सकती है। यह कार्य यदि आप नवरात्रि के दौरान करते हैं तो इसका और भी ज्यादा लाभ होगा।

(5) यदि आपके घर के किसी स्थान पर वास्तु दोष निर्मित हो रहा है तो वहां एक कपूर की 2 टिकियां रख दें। जब यह टिकियां गलकर समाप्त हो जाए तब दूसरी दो टिकिया रख दें। इस तरह उस स्थान पर कपूर बदलते रहेंगे तो वास्तुदोष निर्मित नहीं होगा।

(6) नहाने के पानी में कपूर के तेल की कुछ बुँदे को डालकर नहाएं। ऐसा करने से आप हमेशा तरोताजा तो रहेंगे ही इसके साथ यह आपके भाग्य को भी चमकाएगा। यदि नहाने के इसी पानी में कुछ बूंदें चमेली के तेल के भी डाल लेंगे तो इससे राहु, केतु और शनि का दोष आप पर नहीं रहेगा, लेकिन यह उपाय सिर्फ गुरुवार को ही करें।

(7) पति-पत्नी के बीच संबंधो को सुचारु रूप से चलाने के लिए रात को सोते समय पत्नी अपने पति के तकिये में सिंदूर की एक पुड़िया और पति अपनी पत्नी के तकिये में कपूर की 2 टिकियां रख दें। प्रातः होते ही सिंदूर की पुड़िया घर से बाहर किसी उचित स्थान पर फेंक दें तथा कपूर को निकाल कर बेडरूम में जला दें| यदि आप ऐसा नहीं कर सकते हैं तो प्रतिदिन अपने बेडरूम में कपूर जलाएं और कपूर की 2 टिकियां अपने बेडरूम के किसी कोने में रख दें। जब वह टिकियां गलकर समाप्त हो जाए तो कपूर की दूसरी टिकियां रख दें।

(8) रात के समय रसोई को समेटने के बाद चांदी की एक कटोरी में लौंग तथा कपूर जला कर रख दिया कीजिये| यदि आप यह कार्य प्रतिदिन करते हैं तो धन-संपत्ति से आपका घर भरा रहेगा। आपके घर में धन की कभी कमी नहीं रहेगी।

(9) यदि किसी के विवाह में बाधा आ रही और आप उसको दूर करना चाहते हैं तो आप 36 लौंग और 6 कपूर के टुकड़े ले लें, इसमें हल्दी और चावल मिलाकर इससे माँ दुर्गा को आहुति दीजिये| कुछ समय में यह बाधा दूर हो जाएगी|

(10) यदि आप अपना मनचाहा घर पाना चाहते हैं तो यह उपाय नवरात्रि के समय करे| सबसे पहले उस स्थान की थोड़ी-सी मिट्टी लाकर एक कांच की शीशी में उस मिट्टी को डाल दे। अब उसमें गंगा जल और कपूर डालकर उसे पूजा में जौ के ढेर पर स्थापित कर दें। नवरात्र भर उस शीशी के आगे नवार्ण मन्त्र ‘ऐं हीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे’ का पांच बार जप करें और जौ में रोज गंगा जल डालें। नवमी के दिन थोड़े से अंकुरित जौ निकाल लें और उसे ले जाकर अपनी मनचाही जगह पर डाल दें। कांच की शीशी को छोड़कर शेष सामग्री को नदी में प्रवाहित कर दे|

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