जगन्नाथ पुरी के होश उड़ा देने वाले वो 10 गुप्त रहस्य, जिसे आज से पहले नहीं जानते होंगे आप

हिन्दु धर्म की प्राचीन और पवित्र 7 नगरियों में पुरी उड़ीसा राज्य के समुद्री तट पर बसा है। जगन्नाथ मंदि विष्णु के 8वें अवतार भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। उड़ीसा की धार्मिक नगरी पुरी में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलराम और देवी सुभद्रा का विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। हिन्दू पंचांग के मुताबिक यहां हर आषाढ़ महीने में विशाल रथयात्रा का भव्य आयोजन किया जाता है।

इस रथ की रस्सियाँ खींचने और छूने मात्र के लिए पूरी दुनिया से श्रद्धालु यहां आते हैं, क्योंकि मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के भक्तों की इससे मोक्ष की प्राप्ति होती है लेकिन पूरी के इस मंदिर से जुड़े कुछ ऐसे रहस्य हैं, जिसे जानकार आप भी हैरान रह जायेंगे कि क्या सच में ऐसा होता है? मंदिर में लोगों की आस्था तो हैं लेकिन इसके कुछ रहस्य इसे और भी खास बनाता हैं| आइए जानते पूरी के इस जगन्नाथ मंदिर के रहस्यों के बारे में…..

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जगन्नाथ मंदिर के रहस्य

(1) इस मंदिर के ऊपर फहराता हुआ ध्वज हमेशा हवा के विपरीत दिशा में लहराता है।

(2) इस मंदिर के शिखर की छाया सदैव अदृश्य रहती है। मंदिर के पास खड़े रहकर इसका शिखर देख पाना असंभव है|

(3) पुरी में किसी भी स्थान से आप मंदिर के शीर्ष पर लगे सुदर्शन चक्र को देखेंगे तो वह आपको सदैव अपने सामने ही लगा दिखाई देगा। इसे नीलचक्र भी कहते हैं। यह अष्टधातु से निर्मित है और अति पावन और पवित्र माना जाता है।

(4) इस मंदिर की एक खासियत हैं की इसके ऊपर कोई चि़ड़िया भी नहीं उड़ती है।

(5) सामान्य दिनों के समय हवा समुद्र से जमीन की तरफ आती है और शाम के दौरान इसके विपरीत, लेकिन पुरी में इसका उल्टा होता है। अर्थात यहां हवा जमीन से समुद्र की ओर जाती है।

(6) मंदिर के रसोई घर में कभी भी भोजन की कमी नहीं होती है, चाहे कितने ही श्रद्धालु यहां भोजन करें।

(7) इस मंदिर के अंदर से आप सागर द्वारा निर्मित किसी भी ध्वनि को नहीं सुन सकते लेकिन आप मंदिर के बाहर से इसे जरूर सुन सकते हैं।

(8) इस मंदिर के ऊपर से हवाई जहाज या हेलिकॉप्टर उड़ाना निषिद्ध है।

(9) कहा जाता हैं की यहाँ की मूर्तियाँ रूप बदलती हैं|

(10) मान्यता हैं की हनुमानजी जगन्नाथ मंदिर की समुद्र से रक्षा करते हैं|

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