शर्मनाक: बिहार के इस बच्‍ची नैंसी के साथ आखिर क्‍यों दिखाई गई ऐसी बर्बरता, जानें पूरा मामला

मधुबनीः पूरा मधुबनी गुस्से में है. मासूम नैंसी झा के कत्ल ने मधुबनी को झकझोर कर रख दिया है. आखिर कौन हैं, सुंदर-सलोनी नैंसी को नृशंसता से मार देने वाले। अपहरण की खबर थी. प्रशासन को पता था. फिर क्यों नहीं जिंदा मिली नैंसी। घटनाक्रम गवाही दे रहे हैं कि नैंसी को जिंदा तलाशने को पुलिस ने बहुत खास मेहनत नहीं की। नैंसी की मौत के बाद सोशल मीडिया गर्म है। डीएम-एसपी हाय-हाय बोल रहा है। उबाल बढ़ता दिख रहा है, तय जानिए कातिल नहीं पकड़े गए,तो जनता सड़क पर उतर जाएगी।

अपहरण के बाद नैंसी को बहुत वीभत्स तरीके से मारा गया. शव को देख जलाया जाना स्पष्ट दिख रहा है. चर्चा गंदी हरकत की है। सच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बंद है, प्रशासन अब भी कातिलों को बस खोजने की बात कर रहा है। मधुबनी की पब्लिक बोल रही है कि पुलिस इतनी सक्षम होती तो नैंसी जिंदा मिलती. आज कोहराम न मचा होता।

नैंसी मात्र 12 साल की थी स्कूल जाती थी, 12 साल की लड़की ने किसी का कुछ बिगाड़ा होगा,नहीं माना जा सकता। फिर वही बड़ा सवाल कि नैंसी का मर्डर क्यों हुआ ? नैंसी को 25 मई को किडनैप कर लिया गया था. रिपोर्ट अंधरामठ थाने में लिखाई गई थी, पिता रविंद्र नारायण झा एमएमपी पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर हैं। अपहरण के दिन उन्होंने शक के आधार पर पुलिस को कुछ सुराग भी दिए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

26 मई से ही मधुबनी के लोग नैंसी की सकुशल बरामदगी के लिए सोशल मीडिया पर बड़ा कंपेन चला रहे थे। सबों से मदद की गुहार लगाई गई थी,पर कहीं सुनवाई नहीं हुई। मधुबनी प्रशासन आदतन नैंसी के अपहरण पर भी सोता रहा, कोई विशेष ऑपरेशन नहीं चला। पब्लिक के गुस्से की फिक्र नहीं की गई।

परिणाम,निश्चिन्त हत्यारों ने नैंसी झा को मार डाला. फिर जलाया. कुछ लोग शव को देख एसिड अटैक जैसी बात भी कर रहे हैं. हत्या के बाद लाश को सुनसान खेत में फ़ेंक दिया गया,जहाँ से 27 मई की रात बरामदगी हुई. नैंसी की लाश मिलने की खबर ने मधुबनी के गुस्से को सांतवें आसमान पर पहुंचा दिया है. पुलिस की कार्रवाई अब भी ऐसी नहीं है कि वह लोगों का भरोसा जीत सके।

वैसे भी प्रायः शांत रहने वाले मधुबनी में इधर के दिनों में क्राइम बढ़ा है. अपराध की कई घटनाएं प्रतिवेदित हुई है. पुलिस की हनक अपराधियों के बीच दिखती नहीं है. पिछले दिनों एक अपराधी की मौत भी पटना से आयी STF के साथ मुठभेड़ में हुई थी,लेकिन इसने भी मधुबनी में पल-बढ़ रहे अपराधियों में खौफ पैदा नहीं किया . खैर,अभी मधुबनी का सबसे बड़ा सदमा नैंसी झा की हत्या है. पुलिस ने नतीजे नहीं दिए तो जनता जवाब देने को तैयार होती दिख रही है, मिथिलांचल से जुड़े सोशल मीडिया के करीब-करीब सभी अकाउंट में अभी नैंसी झा के मर्डर की ही चर्चा है।

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